डिजिटल ऋण पहुंच को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वित्त मंत्रालय ने ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड को अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की पहचान सत्यापन के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण की आधिकारिक अनुमति प्रदान कर दी है।
25 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह स्वीकृति इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से परामर्श के बाद दी गई है।
आधार अधिनियम और संबंधित नियमों के तहत अब सिबिल अपने उपयोगकर्ताओं को क्रेडिट सूचना रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए ‘Yes/No’ और ई-केवाईसी (eKYC) आधारित आधार प्रमाणीकरण सुविधा उपलब्ध करा सकेगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार प्रमाणीकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। जो उपयोगकर्ता आधार के माध्यम से सत्यापन नहीं करना चाहते, उन्हें सेवा से वंचित नहीं किया जाएगा। वे पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड जैसे वैकल्पिक दस्तावेजों के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे।
इस निर्णय से पहचान सत्यापन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद है। साथ ही उपयोगकर्ता की सहमति और विकल्प की स्वतंत्रता को भी सुरक्षित रखा जाएगा।


