सिक्किम कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड (एसएमयू) ने राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) के तहत 19 फरवरी को दारमदीन और 23 फरवरी को नामची–सिंगिथांग में स्वच्छ दुग्ध उत्पादन (सीएमपी) और उत्तम स्वच्छता प्रथाओं (जीएचपी) पर दो एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।
सप्रे नागी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति में एसएमयू के अध्यक्ष वाई.के. शर्मा ने नव-निर्मित बल्क मिल्क कूलर शेड का उद्घाटन किया। इस शेड के निर्माण में एनपीडीडी से 5 लाख रुपये तथा समिति द्वारा 9.65 लाख रुपये का योगदान दिया गया। कार्यक्रम में सात समितियों के लगभग 120 किसानों ने भाग लिया। वर्ष 1987 में स्थापित यह समिति वर्तमान में दूध बिक्री और प्रोत्साहनों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 97 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही है।
वहीं अपर सालघारी में आयोजित कार्यक्रम में उपाध्यक्ष देवान राय ने करीब 100 किसानों को संबोधित किया। तकनीकी सत्रों में सहकारी सुदृढ़ीकरण, समय पर ऑडिट, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और चारे की कमी से निपटने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान हाथ से चलने वाले चाफ कटर के आवंटन आदेश वितरित किए गए तथा किसानों को कृमिनाशक दवाएं और मिनरल मिश्रण प्रदान किए गए। अधिकारियों ने प्रति लीटर दूध पर 8 रुपये की सहायता राशि और अवसंरचना सहयोग जैसी प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देते हुए डेयरी आजीविका को सशक्त बनाने के प्रति एसएमयू की प्रतिबद्धता दोहराई।


