ग्रामीण बिहार में वित्तीय समावेशन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बिहार राज्य सहकारी बैंक (बीएससीबी) और कॉमफेड, पटना ने मंगलवार को होटल कौटिल्य पनाश में एक अहम समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता भारत सरकार की “सहकारिता में सहकार” पहल के अंतर्गत प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों (पीडीसीएस) को औपचारिक बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है। इस साझेदारी के तहत पीडीसीएस को बैंक मित्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
माइक्रो-एटीएम के माध्यम से नकद जमा, निकासी, बैलेंस जांच, खाता खोलना, डिजिटल लेन-देन, ऋण और बीमा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इस पहल से दुग्ध उत्पादक किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें बैंक शाखाओं पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
समझौते पर बीएससीबी के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह और कॉमफेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बिहार के सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार और पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता सहित नाबार्ड और राज्य के सहकारी क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल सहकारिता आधारित वित्तीय पहुंच के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


