Trending News

अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने पर बनी सहमति, 19 जून को समझौते पर होगा दस्तखत, होर्मुज फिर खुलेगा लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे नए आर्मी चीफ, 30 जून से पदभार संभालेंगे 100% एथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी जेवर एयरपोर्ट से यात्री उड़ानों का आगाज, लखनऊ से पहुंची पहली फ्लाइट का हुआ भव्य स्वागत टीएमसी के बागी सांसदों का नया ठिकाना, सीधे 20 सांसदों वाली पार्टी बनी NCPI अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने पर बनी सहमति, 19 जून को समझौते पर होगा दस्तखत, होर्मुज फिर खुलेगा लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे नए आर्मी चीफ, 30 जून से पदभार संभालेंगे 100% एथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी जेवर एयरपोर्ट से यात्री उड़ानों का आगाज, लखनऊ से पहुंची पहली फ्लाइट का हुआ भव्य स्वागत टीएमसी के बागी सांसदों का नया ठिकाना, सीधे 20 सांसदों वाली पार्टी बनी NCPI

नाबार्ड ने सिक्किम के लिए 1,701.42 करोड़ रुपये की ऋण क्षमता का अनुमान जारी किया

संगोष्ठी में मुख्य सचिव रवींद्र तेलंग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे

Published: 11:47am, 24 Feb 2026

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने गंगटोक में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी के दौरान राज्य फोकस पेपर (एसएफपी) 2026–27 जारी किया। इसमें आगामी वित्तीय वर्ष के लिए सिक्किम में 1,701.42 करोड़ रुपये की संभावित ऋण क्षमता का आकलन किया गया है।

संगोष्ठी में मुख्य सचिव रवींद्र तेलंग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा सिक्किम सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

प्रस्तुत अनुमान के अनुसार कुल ऋण क्षमता में से 589.04 करोड़ रुपये (34.62 प्रतिशत) कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए निर्धारित किए गए हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए 968.99 करोड़ रुपये (56.95 प्रतिशत) तथा अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए 143.39 करोड़ रुपये (8.43 प्रतिशत) का प्रावधान किया गया है।

मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि ऋण विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो विश्वास और भरोसे पर आधारित होता है। उन्होंने बैंकों से क्लस्टर आधारित कृषि को बढ़ावा देने, उच्च मूल्य वाले विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करने तथा स्वयं सहायता समूहों और किसानों के लिए मजबूत बाजार संपर्क विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड ने सहकारी संस्थाओं और जनजातीय विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता भी प्रदान की। तकनीकी सत्रों में भौगोलिक संकेतक (जीआई) उत्पादों के प्रचार-प्रसार, ग्रामीण अवसंरचना विकास और राज्य में वित्तीय समावेशन पहलों पर विशेष चर्चा की गई।

YuvaSahakar Desk