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छत्तीसगढ़ बना ग्रोथ इंजन, 2025-26 में आर्थिक विकास दर 8.11 प्रतिशत रहने का अनुमान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की आर्थिक विकास दर 11.57% रहने का अनुमान है, जबकि वास्तविक वृद्धि दर 8.11% आँकी गई है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में संतुलित विस्तार के साथ राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹6.31 लाख करोड़ तक पहुँचने की संभावना है, जो प्रदेश की मजबूत आर्थिक नींव को दर्शाता है।

Published: 17:45pm, 23 Feb 2026

रायपुर, 23 फरवरी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। सरकारी योजनाओं और निवेश आधारित विकास मॉडल का सकारात्मक असर प्रदेश के विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य की आर्थिक विकास दर 11.57 प्रतिशत रहने और वास्तविक वृद्धि दर 8.11 प्रतिशत रहने का अनुमान प्रदेश सरकार ने जताया है। विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को पेश आर्थिक सर्वेक्षण में यह अनुमान जताया गया है। विधानसभा में मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आर्थिक सर्वेक्षण के निष्कर्ष यह साबित करते हैं कि छत्तीसगढ़ की विकास दर व्यापक आधार पर टिकी हुई है और एक मजबूत संरचनात्मक नींव पर निर्मित है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में संतुलित विस्तार के साथ हमें विश्वास है कि राज्य निकट भविष्य में दो अंकों की विकास दर के अगले चरण की ओर अग्रसर होने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारी प्राथमिकता बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, निवेश को प्रोत्साहित करना और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, ताकि इस गति को निरंतर बनाए रखा जा सके।”

वित्त वर्ष 2025-26 के छत्तीसगढ़ के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत मजबूत घरेलू मांग, सतत सार्वजनिक पूंजीगत व्यय और स्थिर औद्योगिक गतिविधियों के बल पर विश्व की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। इसमें छत्तीसगढ़ की प्रमुख भागीदारी है। प्रदेश की उच्च आर्थिक विकास दर इसका प्रमाण है।

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्तमान मूल्यों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वित्त वर्ष 2024-25 के 5.65 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 6.31 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह 11.57 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाता है। जबकि स्थिर मूल्यों (आधार वर्ष 2011–12) पर राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वित्त वर्ष 2024–25 के 3.31 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025–26 में 3.58 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है। इस तरह वास्तविक वृद्धि दर 8.11 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार आर्थिक विकास के मामले में देश के बाकी राज्यों से कदमताल मिलाकर चल रही है।

आर्थिक सर्वेक्षण से संकेत मिल रहा है कि छत्तीसगढ़ की विकास गति संतुलित और विविधीकृत बनी हुई है। इससे राष्ट्रीय आर्थिक विस्तार में प्रदेश का योगदान और मजबूत हुआ है। राज्य की अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में निरंतर मजबूती प्रदर्शित कर रही है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है। तीनों क्षेत्रों में प्रदेश व्यापक रूप से आर्थिक विकास कर रहा है।
प्रदेश सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और उत्पादन बढ़ाने वाली नीतियों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचने का असर कृषि क्षेत्र में दिख रहा है।

सर्वे में बताया गया है कि कृषि क्षेत्र के वास्तविक रूप से 7.49 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसके 57,969 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 53,928 करोड़ रुपये था। वर्तमान मूल्यों पर कृषि क्षेत्र 12.53 प्रतिशत की दर से बढ़कर 1,19,871 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों में प्रगति को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनन प्रदेश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार उद्योग क्षेत्र है। वित्त वर्ष 2025-26 में स्थिर मूल्यों पर इसके 7.21 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। राज्य का औद्योगिक उत्पादन पिछले वित्त वर्ष के 1,49,678 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। वर्तमान मूल्यों पर औद्योगिक उत्पादन 10.26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2,70,449 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो खनन, विनिर्माण और विद्युत उत्पादन में निरंतर मजबूती को रेखांकित करता है।

इसी तरह, सेवा क्षेत्र वास्तविक रूप से 9.11 प्रतिशत की दर से बढ़कर 1,07,088 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो वर्ष 2024-25 में 98,147 करोड़ रुपये था। यह व्यापार, परिवहन, वित्तीय सेवाओं और सार्वजनिक प्रशासन में विस्तार को दर्शाता है।

YuvaSahakar Desk

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