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खेती में AI का शंखनाद: शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया ‘Bharat-VISTAAR पोर्टल

भारत-विस्तार केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है; यह फसल योजना, कीट और रोग नियंत्रण, पशुपालन सलाह, मंडी के ताजा भाव और रियल-टाइम मौसम जानकारी भी प्रदान करेगा। ICAR के वैज्ञानिक डेटा पर आधारित यह प्रणाली क्षेत्र-विशेष सलाह देगी, जिससे उत्पादन बढ़ाने और नुकसान कम करने में सहायता मिलेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग से मौसम डेटा, अगमार्कनेट से मंडी कीमतें, राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली से अलर्ट और ICAR से अन्य जानकारियां एकत्रित करके किसानों तक पहुंचाई जाएंगी। सरकार ने इसे 'प्लग-एंड-प्ले' मॉडल पर विकसित किया है, जो किसान-केंद्रित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में कार्य करेगा। इससे केंद्र, राज्य और सहकारी संस्थाओं की प्रणालियों को आसानी से जोड़ा जा सकेगा।

Published: 15:20pm, 17 Feb 2026

देश के किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एआई आधारित बहुभाषी प्लेटफॉर्म भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) का औपचारिक शुभारंभ किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जयपुर स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर मैनेजमेंट (SIAM) में आयोजित कार्यक्रम में इस डिजिटल प्रणाली को लॉन्च किया। इस अवसर पर भजन लाल शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के किसान कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से वर्चुअली जुड़े।

भारत-विस्तार, जिसका पूरा नाम “Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources” है, को एक समेकित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को योजनाओं की जानकारी, मौसम अपडेट, मंडी भाव, फसल सलाह, पशुपालन मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है। यह प्लेटफॉर्म एग्रीस्टैक पोर्टल तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिक डेटा के साथ एकीकृत है, जिससे किसानों को क्षेत्र-विशेष के अनुसार सटीक और व्यक्तिगत सलाह मिल सके।

यह पहल केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप लागू की गई है। बजट में इस परियोजना के लिए आगामी वित्त वर्ष में 150 करोड़ रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव रखा गया था। सरकार का लक्ष्य है कि मई 2026 तक सभी प्रमुख केंद्रीय कृषि योजनाओं को इस प्लेटफॉर्म से पूर्ण रूप से जोड़ दिया जाए।

भारत-विस्तार को ‘वॉयस-फर्स्ट’ डिजिटल प्रणाली के रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे यह साधारण फीचर फोन पर भी कार्य कर सके। किसान 155261 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर एआई सहायक “भारती” से सीधे संवाद कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त चैटबॉट, वेब इंटरफेस और आगामी एंड्रॉयड एप्लिकेशन के माध्यम से भी सेवाएं उपलब्ध होंगी। टेक्स्ट और वॉयस दोनों माध्यमों में 24 घंटे सेवा उपलब्ध रहेगी।

प्रारंभिक चरण में यह प्लेटफॉर्म हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में उपलब्ध है। अगले तीन महीनों में तमिल, बंगाली, असमिया और कन्नड़ भाषाओं को जोड़ा जाएगा। छह महीने के भीतर इसे कुल 11 भारतीय भाषाओं में विस्तारित करने की योजना है। यह प्रणाली IndiaAI मिशन और BHASHINI ईकोसिस्टम की तकनीकी सहायता से संचालित होगी, जिससे देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में इसकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

पहले चरण में किसान 10 प्रमुख केंद्रीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिनमें पीएम-किसान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि अवसंरचना कोष, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, पर ड्रॉप मोर क्रॉप, कृषि यंत्रीकरण उपमिशन, ब्याज सब्सिडी योजना तथा पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान शामिल हैं। किसान इन योजनाओं में अपनी पात्रता की जांच, आवेदन की स्थिति की जानकारी और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे।

भारत-विस्तार प्लेटफॉर्म भारत मौसम विज्ञान विभाग से रीयल-टाइम मौसम डेटा, अगमार्कनेट से मंडी कीमतें, राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली से कीट एवं रोग संबंधी अलर्ट और ICAR से वैज्ञानिक सलाह प्राप्त कर किसानों तक पहुंचाता है। इससे किसानों को फसल योजना, कीट प्रबंधन, उर्वरक उपयोग, सिंचाई समय निर्धारण तथा पशुपालन संबंधी मार्गदर्शन में सहायता मिलेगी। क्षेत्र विशेष की मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों के आधार पर सलाह उपलब्ध कराए जाने से उत्पादन बढ़ाने और नुकसान कम करने में मदद मिलेगी।

सरकार के अनुसार यह प्लेटफॉर्म ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर आधारित है, जिससे केंद्र, राज्य और सहकारी संस्थाओं की प्रणालियों को आसानी से एकीकृत किया जा सकेगा। महाराष्ट्र के ‘वसुधा’, गुजरात के ‘अमूलAI’ और बिहार कृषि ऐप जैसे राज्य स्तरीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इससे डिजिटल सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।

लॉन्च कार्यक्रम के दौरान “कृषि के लिए एआई रोडमैप” भी प्रस्तुत किया गया। साथ ही कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एआई हैकाथन और “एग्रीकोष” पहल की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य एग्रीटेक स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को कृषि समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव के कारण किसानों को अक्सर निर्णय लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। भारत-विस्तार का उद्देश्य डिजिटल खाई को पाटते हुए किसानों को वैज्ञानिक और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराना है। अब किसान अपनी स्थानीय भाषा में यह जान सकेंगे कि किस फसल का चयन करना अधिक लाभकारी होगा, कब खाद एवं कीटनाशक का उपयोग करना है, और मौसम के संभावित प्रभाव से कैसे बचाव करना है।

सरकार का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म देश के 14 करोड़ से अधिक किसानों को जोड़ने की क्षमता रखता है। इससे कृषि को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस प्रगति होगी। एक ही डिजिटल विंडो के माध्यम से योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध होने से किसानों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

भारत-विस्तार का शुभारंभ डिजिटल कृषि क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म किसानों के लिए एक स्थायी डिजिटल कृषि विशेषज्ञ की भूमिका निभाएगा और कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी आधारित परिवर्तन को गति देगा।

YuvaSahakar Desk