केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और शिक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। बजट में हर जिले में लड़कियों के छात्रावास खोलने और 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित करने की घोषणा की है। यह कदम महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। हमारे देश में 10 करोड़ से ज्यादा महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी हैं। ऐसे में, महिलाओं द्वारा निर्मित, महिलाओं द्वारा संचालित, सेल्फ हेल्प ग्रुप्स का आधुनिक इकोसिस्टम बने, बजट में इसे प्राथमिकता दी गई है।
इस बजट की प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं:
- SHE-Marts (स्वयं सहायता उद्यमी बाजार): लखपति दीदी योजना की सफलता को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए ‘SHE-Marts’ (Self-Help Entrepreneur Marts) की स्थापना की जाएगी। ये क्लस्टर स्तर के महासंघों के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट होंगे, जो महिलाओं को सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान करेंगे।
- शिक्षा और आवास: उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास (Girls’ Hostel) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य छात्राओं के लिए सुरक्षित और किफायती आवास सुनिश्चित करना है।
- मिशन शक्ति: महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम ‘मिशन शक्ति’ हेतु ₹3,605 करोड़ का आवंटन किया गया है।
- बजट आवंटन में वृद्धि: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए कुल आवंटन बढ़ाकर ₹28,183.06 करोड़ कर दिया गया है। जेंडर बजटिंग के तहत महिला-केंद्रित योजनाओं के लिए ₹4.49 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 37% की वृद्धि है।
अन्य प्रमुख योजनाएं:
- सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0: इसके लिए ₹23,100 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- महिला उद्यमिता: MSME क्षेत्र में पहली बार महिला उद्यमियों के लिए विशेष ऋण योजनाओं का प्रस्ताव है।
- राष्ट्रीय महिला आयोग: इसके लिए ₹36 करोड़ का आवंटन किया गया है।


