बिहार सरकार का सहकारिता विभाग राज्य की 1,750 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) के रूप में विकसित कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराना और खेती को अधिक सुविधाजनक एवं आर्थिक रूप से लाभकारी बनाना है।
इस योजना के तहत विकसित किए जा रहे केंद्रों पर किसानों को खाद, कृषि सेवाएं और खेती से जुड़ी आवश्यक जानकारियां एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे किसानों को कृषि सामग्री और जरूरी सेवाओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों में परिवर्तित करने से राज्य के सहकारी नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी। इन केंद्रों के माध्यम से गांव और पंचायत स्तर पर किसानों तक कृषि संबंधी सुविधाओं और सेवाओं की पहुंच आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह पहल पैक्स को बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में विकसित करने के व्यापक लक्ष्य से भी जुड़ी है। इसका उद्देश्य पैक्स की भूमिका को केवल कृषि ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित न रखकर किसानों को विभिन्न कृषि सेवाएं प्रदान करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
इस पहल से किसानों को आवश्यक कृषि सामग्री, तकनीकी जानकारी और सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही इससे सहकारिता के माध्यम से कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।


