कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने ‘अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता के लिए कौशल और पीएम-सेतु’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें पूर्वोत्तर के कौशल तंत्र को मजबूत करने और युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को विशेष रूप से संभावनाशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया।
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि पीएम-सेतु का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप और मांग-आधारित संस्थानों में बदलना है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र की बड़ी संभावनाएं हैं और युवाओं को घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए तैयार किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और असम सरकार के बीच एसआईआईसी की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। पीएम-सेतु के तहत जोरहाट और तिनसुकिया के दो आईटीआई समूहों के लिए आशय पत्र पर भी हस्ताक्षर हुए। इन समूहों को क्रमशः नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड और ऑयल इंडिया लिमिटेड का सहयोग मिलेगा।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय कौशल मानकों, उद्योग की बदलती जरूरतों, वैश्विक कार्यबल गतिशीलता और वर्ल्डस्किल्स जैसे मंचों पर भी चर्चा हुई। असम सरकार ने सीएम फ्लाइट योजना और वैश्विक कौशल केंद्र की परिकल्पना प्रस्तुत की। पहल का उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ना है।


