Trending News

वृंदावन पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, इस्कॉन और प्रेम मंदिर में किया दर्शन-पूजन, केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद जी महाराज का लिया आशीर्वाद IFFCO ने लॉन्च किया पहला स्वदेशी नैनो NPK, अच्छी पैदावार के साथ मिट्टी की सेहत में सुधार करने का माध्यम बनेगा नैनो NPK भारत में बेरोजगारी दर में गिरावट, फरवरी में घटकर 4.9% पर आई बेरोजगारी दर, महिला श्रम बल भागीदारी बढ़कर 40% पहुंची, NSO ने जारी किए आंकड़े हिमाचल में डेयरी सेक्टर को बड़ी मजबूती, NDDB और HP मिल्क फेडरेशन के बीच हुआ एमओयू मध्य प्रदेश में पैक्स से जोड़े जाएंगे 10 लाख किसान, अप्रैल माह से शुरू होगा सदस्यता अभियान, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दी जानकारी वृंदावन पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, इस्कॉन और प्रेम मंदिर में किया दर्शन-पूजन, केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद जी महाराज का लिया आशीर्वाद IFFCO ने लॉन्च किया पहला स्वदेशी नैनो NPK, अच्छी पैदावार के साथ मिट्टी की सेहत में सुधार करने का माध्यम बनेगा नैनो NPK भारत में बेरोजगारी दर में गिरावट, फरवरी में घटकर 4.9% पर आई बेरोजगारी दर, महिला श्रम बल भागीदारी बढ़कर 40% पहुंची, NSO ने जारी किए आंकड़े हिमाचल में डेयरी सेक्टर को बड़ी मजबूती, NDDB और HP मिल्क फेडरेशन के बीच हुआ एमओयू मध्य प्रदेश में पैक्स से जोड़े जाएंगे 10 लाख किसान, अप्रैल माह से शुरू होगा सदस्यता अभियान, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दी जानकारी

बेमौसम बारिश से बदला मौसम का मिजाज, किसानों की बढ़ी चिन्ता

मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव के पीछे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जिम्मेदार है

Published: 11:14am, 20 Mar 2026

सर्दी के कपड़े समेटने के बाद उत्तर भारत में अचानक बदले मौसम ने लोगों को असमंजस में डाल दिया है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण एक ओर तापमान में गिरावट आई है, तो दूसरी ओर बिना पंखे के काम भी नहीं चल रहा, जिससे लोगों को यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि गर्म कपड़े पहनें या हल्के।

उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड और राजस्थान के कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई शहरों में शुक्रवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। वहीं दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मौसम लगातार बदल रहा है।

इस बेमौसम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई है। यह समय रबी फसलों के पकने और कटाई का होता है, ऐसे में बारिश और तेज हवा फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गेहूं की तैयार फसल खेतों में गिर सकती है, जिससे पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित होगी। सरसों की फसल में अधिक नमी के कारण फलियां झड़ने का खतरा है, जबकि चने और अन्य दलहनी फसलों में जलभराव से सड़न की समस्या बढ़ सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कट चुकी फसलों को सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।

मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव के पीछे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जिम्मेदार है, जिससे वातावरण में नमी बढ़ गई है और बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है।

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

YuvaSahakar Desk