Trending News

तिरुक्कुरल की सीख के साथ सजेगा 28 नवंबर से काशी तमिल संगमम 2026, 1,400 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा, 13 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन सहकारिता मंत्रालय ने त्रिभुवनदास पटेल के योगदान को किया नमन बिहार के 24 जिलों के 27,600 एकड़ में होगी जलवायु अनुकूल खेती, 18 हजार किसानों को मिलेगी ट्रेनिंग एशियन पैरा गैम्स में सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता IAS अधिकारी सुहास ने 2026 एशियाई पैरा खेलों में पैरा-बैडमिंटन में जीता कांस्य पदक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने लेह में लद्दाख के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज को एकेडमिक ईयर 2027-28 से शुरू करने की मंजूरी दी UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर लिस्ट में छत्तीसगढ़ स्थित 'सिरपुर' सांस्कृतिक शामिल दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए DMRC आज से मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे चलाएगी तिरुक्कुरल की सीख के साथ सजेगा 28 नवंबर से काशी तमिल संगमम 2026, 1,400 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा, 13 नवंबर तक कर सकेंगे आवेदन सहकारिता मंत्रालय ने त्रिभुवनदास पटेल के योगदान को किया नमन बिहार के 24 जिलों के 27,600 एकड़ में होगी जलवायु अनुकूल खेती, 18 हजार किसानों को मिलेगी ट्रेनिंग एशियन पैरा गैम्स में सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता IAS अधिकारी सुहास ने 2026 एशियाई पैरा खेलों में पैरा-बैडमिंटन में जीता कांस्य पदक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने लेह में लद्दाख के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज को एकेडमिक ईयर 2027-28 से शुरू करने की मंजूरी दी UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर लिस्ट में छत्तीसगढ़ स्थित 'सिरपुर' सांस्कृतिक शामिल दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए DMRC आज से मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे चलाएगी

TRIFED का आदि बाजार देगा जनजातीय कारीगरों को सीधा बाजार

जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (TRIFED) रायपुर में 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आदि बाजार 2026 का आयोजन करेगा

Published: 14:11pm, 22 Oct 2026

जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (TRIFED) रायपुर में 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आदि बाजार 2026 का आयोजन करेगा। दस दिवसीय यह प्रदर्शनी टाउन हॉल, कलेक्टोरेट परिसर, घड़ी चौक के पास आयोजित की जाएगी।

आदि बाजार में विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कारीगर अपने पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, जनजातीय आभूषण, चित्रकला, बांस और लकड़ी से बने उत्पाद तथा प्राकृतिक और वन-आधारित जैविक वस्तुएं प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध कराएंगे।

इस आयोजन का उद्देश्य जनजातीय कारीगरों को सीधे बाजार से जोड़ना है, ताकि उन्हें बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े और उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके। इससे उनकी आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका के अवसर मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आदि बाजार के माध्यम से केवल उत्पादों की बिक्री ही नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक कला, शिल्प कौशल और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों और आगंतुकों को देश की विविध जनजातीय परंपराओं को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

TRIFED के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने शहरवासियों, कला प्रेमियों और पर्यटकों से प्रदर्शनी में पहुंचने और जनजातीय कारीगरों से सीधे उत्पाद खरीदकर उनका समर्थन करने की अपील की है। यह पहल आर्थिक सशक्तिकरण के साथ भारत की स्वदेशी सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को भी बढ़ावा देगी।

Jitendra