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भारतीय महिला हॉकी टीम के सामने स्वर्ण के लिए फाइनल में चीन की ‘दीवार‘ को तोड़ने की चुनौती

भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की जिस तरह मजबूत किलेबंदी को तोड 2-0 से जीत हासिल की  उससे यह साफ है कि उसे यह समझ में आ गया बड़ी टीमों के खिलाफ जीत के जीत के जोश के साथ होश की जरूरत है

आक्रामक सेंटर सलीमा टेटे की अगुआई वाली भारतीय महिला हॉकी टीम के सामने 20 वें एशियाई खेलों में काकामिगहारा में शुक्रवार को स्वर्ण पदक जीतने के लिए फाइनल में मजबूत मौजूदा चैंपियन चीन की ‘दीवार’ को तोड़ने की चुनौती है। भारत के चीफ डच कोच शुएर्ड मराइन और चीन की चीफ एलिसा अन्नान की रणनीति का भी फाइनल में इम्तिहान होगा। भारत की ड्रैग फ्लिकर इस संस्करण में सबसे ज्यादा गोल करने वाली दीपिका सहरावत और हिटर नवनीत कौर को पेनल्टी कॉर्नर पर सीधे चीन के गोल पर शॉट लेने की बजाय इनडायरेक्ट भी गोल करने की कोशिश करनी होगी। भारत को पेनल्टी कॉर्नर को भुनाने के साथ पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस में भी चौकसी करनी होगी। भारत और चीन के बीच फाइनल में जीतने वाली टीम को सीधे 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक का टिकट मिलेगा और ऐसे में कोई भी टीम जरा सी भी ढील और चूक से बच कर जीत की पुरजोर कोशिश करेगी।

भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की जिस तरह मजबूत किलेबंदी को तोड 2-0 से जीत हासिल की  उससे यह साफ है कि उसे यह समझ में आ गया बड़ी टीमों के खिलाफ जीत के जीत के जोश के साथ होश की जरूरत है। भारत को चीन  के खिलाफ हड़बड़ी से बच कर हमले बोलने होंगे। भारत के चीन से जीतना है तो खुद कप्तान मिफल्डर सलीमा टेटे, सुनीलिता टोपो, और नेहा गोयल और ज्योति आगेस्ट्राइकर नवनीत, दीपिका सहरावत,  ललरेसियामी, बलजीत कौर के लिए चतुराई से गेंद बढ़ानी होगी।

शुएर्ड मराइन की बतौर कोच दूसरी पारी में भारत ने ऑकलैंड में महिला नेशंस कप जीत कर एफआईएच प्रो लीग के क्वॉलिफाई करने के बाद एम्सतलवीन में महिला हॉकी विश्व कप में केवल एक मैच उपविजेता नीदरलैंड से हारा और दक्षिण और जर्मनी पर जीत के साथ चीन, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को बराबरी पर रोक पांचवां स्थान पाकर यह बताया कि उसे बड़े मंच पर बड़ी टीमों का सामना करना आता है।  भारत ने चीन को  एम्सतलवीन (नीदरलैंड) में दो दो की बराबरी पर रोक उसके हाथों एशिया कप में 1-4 की हार के सिलसिले को तोड़ा है और उससे बेशक उसके हौसले बुलंद होंगे। नवनीत कौर और दीपिका सहरावत के एक एक गोल कर भारत को दो बार विश्व कप के मैच में बढ़त दिलाई जबकि चीन खुशकिस्मती से मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर जियाकी जोंग  और मा निंग के पेनल्टी कॉर्नर पर किए गोल पर जैसे तैसे मैच ड्रॉ कराया।

भारत और चीन की टीमें अजेय रहकर सेमीफाइनल सहित अपने सभी छह मैच जीत कर  फाइनल में पहुंची है। इशिका और कप्तान सलीमा टेटे के एक एक गोल भारत ने बहुत धैर्य दिखा दक्षिण कोरिया को दूसरे सेमीफाइनल में 2-0से हराया जबकि चीन ने जापान द्वारा निर्धारित समय में गोलरहित बराबरी पर मजबूर किए जाने पर शूटआउट में 4-2से जीत दर्ज कर  लगातार दूसरी बार फाइनल में स्थान पाया। भारत ने पांच में कुल 68 गोल कर और मात्र तीन गोल खाकर फाइनल में स्थान पाया। वहीं चीन ने पूल ए में पांच मैचों में 45गोल करने के साथ एक भी गोल नहीं खाया।

भारत को चीन के लिए मौजूदा संस्करण में सबसे ज्यादा 9 गोल करने वाली ड्रैगफ्लिकर जियाकी झांग,ची चेन(7 गोल) व यिंग जो(7 गोल) के साथ स्ट्राइकर यांग चेन(5 गोल) व  अनहुई यू(2 गोल) से चौकस रहना होगा।  भारत के लिए अच्छी बात है कि उसके पास अनुभवी गोलरक्षक सविता पूनिया और बिच्छू देवी खरीबम के रूप में दो मजबूत गोलरक्षक और नवोदित लेकिन बड़े जिगरे से खेलनी वाली साक्षी राणा और सुशीला चानू के रूप में मजबूत फुलबैक हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम ने अब से पहले एशियाई खेलों में स्वर्ण मात्र एक बार दिल्ली में1982 में अपने सभी पांचों में जीत कर अपने नाम किया और तब दक्षिण कोरिया ने दूसरे स्थान पर रह रजत और मलयेशिया ने तीसरे स्थान पर तब कांसा जीता था । भारतीय महिला हॉकी टीम को  एशियाई खेलों में 1998 बैंकॉक मे फाइनल में दक्षिण कोरिया से और 2018 में जकार्ता में जापान से फाइनल में 1-2से हारने पर उसे रजत पदक पर ही संतोष करना पड़ा।  2023 में हांगजू कांसा जीतने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम इस बार बेशक स्वर्ण जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ने वाली है। भारत को चीन की दीवार को तोड़ना और उसकी दोनों ऑलराउंडर -मौजूदा एशियाई खेलों में रिकॉर्ड सबसे ज्यादा 21 गोल दागने वाली दीपिका सहरावत और दस गोल दागने वाली नवनीत कौर के साथ चतुर इशिका और ललरेमसियामी को धैर्य दिखाकर नियोजित हमले बोल कर खुद गोल करने के साथ पेनल्टी कॉर्नर बनाते होंगे। चीन को जिस तरह सेमीफाइनल में जापान गोलरहित बराबरी पर रोकने के बाद उससे शूटआउट में हारा उससे यह प्रेरणा लगी होगी।

भारत के चीफ कोच शुएर्ड मराइन ने अपनी टीम की दक्षिण कोरिया पर जीत के बाद कहा, ‘ हमारे लिए दक्षिण कोरिया के खिलाफ शांत रह धैर्य के साथ खेलना अहम था। जहां तक चीन के खिलाफ फाइनल की बात है तो हमारी टीम आत्मविश्वास से सराबोर जरूर है लेकिन हम इस हकीकत से भी वाकिफ कि चीन एक बहुत बढ़िया टीम है अर अभी भी दुनिया मं एफआईएच रैंकिंग में चौथे नंबर पर  है।  हमने महिला विश्व कप में चीन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन जरूर किया था लेकिन उसकी टीम में अभी काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं।हमें चीन के खिलाफ फाइनल जीतने के लिए दक्षिण कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल से बेहतर खेल दिखाना होगा।

 

YuvaSahakar Desk

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