देशभर में आयोजित NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान कोलकाता की छात्रा सृष्टि दुबे की कहानी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। एक गंभीर सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल होने और बड़ी सर्जरी से गुजरने के बावजूद सृष्टि ने हिम्मत नहीं हारी। स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों के बीच भी उन्होंने अपने पिता से कहा कि वह हर हाल में NEET परीक्षा देना चाहती हैं।
बेटी के दृढ़ संकल्प को देखते हुए उनके पिता शीशराम दुबे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर विशेष सहायता की मांग की। उन्होंने अनुरोध किया कि सृष्टि को आवश्यक मेडिकल उपकरणों और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। उनकी अपील पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा केंद्र पर विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की।
सृष्टि के लिए ग्राउंड फ्लोर पर अलग कमरा उपलब्ध कराया गया, साथ ही मेडिकल सहायता और एम्बुलेंस की सुविधा भी दी गई। इन विशेष व्यवस्थाओं के बीच सृष्टि ने परीक्षा देकर यह साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ निश्चय के सामने कठिन से कठिन परिस्थितियां भी छोटी पड़ जाती हैं।


