देश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) एमडी, एमएस और अन्य स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों की करीब 5,000 नई सीटें बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक सीटें कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ सकती हैं। हालांकि, नई सीटों की अंतिम संख्या एनएमसी की आधिकारिक मंजूरी और सीट मैट्रिक्स जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों से पीजी सीटें बढ़ाने के आवेदन मांगे गए थे। एनएमसी का ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 2 मार्च से 20 अप्रैल 2026 तक खुला था। आयोग आवेदनों की जांच कॉलेजों में उपलब्ध फैकल्टी, अस्पताल के मरीजों की संख्या, बेड क्षमता, बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षण सुविधाओं के आधार पर करेगा।
करीब 150 मेडिकल कॉलेजों ने सीट वृद्धि के लिए आवेदन किया है। सबसे ज्यादा नई सीटें एमएस ऑर्थोपेडिक्स, एमडी एनेस्थीसियोलॉजी, एमडी रेडियो डायग्नोसिस, एमडी पीडियाट्रिक्स, एमडी जनरल मेडिसिन, एमएस प्रसूति एवं स्त्री रोग, एमएस ईएनटी, एमएस जनरल सर्जरी, एमएस नेत्र रोग और एमडी पैथोलॉजी जैसे विषयों में बढ़ने का अनुमान है।
पिछले शैक्षणिक सत्र में एनएमसी ने निजी मेडिकल कॉलेजों में ब्रॉड स्पेशियलिटी की 4,201 अतिरिक्त पीजी सीटों को मंजूरी दी थी। इन सीटों को नीट पीजी काउंसलिंग की सीट मैट्रिक्स में शामिल किया गया था।
नीट पीजी 2026 परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित होगी। अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी किए जाएंगे, जबकि परिणाम 30 सितंबर तक घोषित किया जाना निर्धारित है। यह एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एकल राष्ट्रीय परीक्षा है। परिणाम के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी और राज्य प्राधिकरण काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे।


