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PM-SETU से बदलेगी ITI की तस्वीर, तीन राज्यों में ₹735.70 करोड़ का निवेश

सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी ITI को आधुनिक तकनीक, नए कौशल और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

SKILL DEVELOPMENT


Published: 09:00am, 09 Sep 2026

सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी ITI को आधुनिक तकनीक, नए कौशल और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। PM-SETU योजना की पांचवीं राष्ट्रीय संचालन समिति ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के तीन ITI क्लस्टरों के लिए ₹735.70 करोड़ की रणनीतिक निवेश योजनाओं को मंजूरी दी है। इसके साथ ही योजना के तह9 ITI क्लस्टरों में कुल स्वीकृत निवेश ₹2,171 करोड़ तक पहुंच गया है।

इस निवेश का उद्देश्य ITI को पारंपरिक ट्रेड प्रशिक्षण से आगे ले जाकर उन्हें भविष्य की नौकरियों और उभरती तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है। योजना में उद्योग को सीधे भागीदार बनाया गया है, ताकि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की दूरी कम की जा सके।

राजस्थान के भिवाड़ी ITI क्लस्टर के लिए ₹241 करोड़ की मंजूरी दी गई है। तेलंगाना के मेडचल क्लस्टर को ₹254.30 करोड़ और उत्तर प्रदेश के मेरठ क्लस्टर को ₹240.40 करोड़ मिलेंगे। इन क्लस्टरों में एक ITI को हब और आसपास के संस्थानों को स्पोक के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्वीकृत योजनाओं के तहत प्रशिक्षण संस्थानों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया जाएगा। पुराने ट्रेड को अपग्रेड करने के साथ नए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कोर्स शुरू किए जाएंगे। खास जोर ऐसे कौशल पर होगा जिनकी मांग उद्योग, विनिर्माण और नई तकनीकी अर्थव्यवस्था में तेजी से बढ़ रही है।

बैठक में राजस्थान ने एक और उपलब्धि हासिल की। राजस्थान सरकार, केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और H.G. Infra Engineering Limited के बीच शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। इसके साथ राजस्थान PM-SETU के तहत ऐसा समझौता करने वाला देश का पहला राज्य बन गया।

PM-SETU का हब एंड स्पोक मॉडल ITI को उद्योग से जोड़कर युवाओं के लिए अधिक रोजगारोन्मुख और भविष्य के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Jitendra