केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को अपनी पूरी परीक्षा प्रक्रिया का व्यापक ऑडिट करने और 30 दिनों के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। यह फैसला UGC-NET के अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र संबंधी गड़बड़ियां सामने आने के बाद लिया गया है। इन तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा 9 और 10 सितंबर को आयोजित की जाएगी, जिससे करीब 1.57 लाख अभ्यर्थी प्रभावित होंगे।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उच्च शिक्षा सचिव और NTA महानिदेशक के साथ बैठक कर परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। मंत्रालय के अनुसार, NTA के 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए 10 नए पेशेवर नेतृत्व पद भरे जा रहे हैं। इनमें मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी और मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी जैसे पद शामिल हैं।
मंत्रालय ने प्रश्नपत्र तैयार करने की गोपनीय व्यवस्था में भी बड़े बदलाव के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था में अलग-थलग सुरक्षित कमरे, इंटरनेट से पूरी तरह कटे कंप्यूटर सिस्टम और परिसर में प्रवेश से पहले डिजिटल उपकरण जमा करने जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, मॉडरेटर, जांचकर्ताओं और अनुवादकों को कड़ी निगरानी में काम करना होगा। आंतरिक जांच में प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी गलतियों के साथ पुराने प्रश्न दोहराए जाने की शिकायतें मिली थीं। हालांकि मंत्रालय ने जांच के विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं करने की बात कही है।


