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राज्यसभा चले नीतीश कुमार, बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री!

भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार ऐसा होगा जब जदयू राज्य सरकार का नेतृत्व नहीं करेगी बल्कि सहयोगी दल के रूप में राज्य शासन में भागीदार बनेगी। यह परिवर्तन न केवल बिहार अपितु समस्त देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण सियासी बदलाव के रूप में दर्ज होगा।

Published: 16:40pm, 05 Mar 2026

बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का दौर शुरू होने जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राज्यसभा जाने का निर्णय राज्य की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। महज 105 दिन पहले दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार का यह फैसला बिहार की राजनीति में एक युग के समापन और नई राजनीतिक पीढ़ी के उदय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी साझा की कि वह राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर रहे हैं। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने औपचारिक रूप से राज्यसभा के लिए अपना नामांकन भी भर दिया। इस घटनाक्रम ने बिहार की की सत्ता व्यवस्था में बड़े और व्यापक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

हिंदी हार्टलैंड की प्रमुख पार्टी मानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिए यह एक स्वर्णिम क्षण है। देश के दूसरे सबसे बड़े हिंदी भाषी राज्य, बिहार में भाजपा अब तक गठबंधन का हिस्सा तो रही, लेकिन कभी अपना मुख्यमंत्री नहीं बना सकी थी। नीतीश कुमार के इस कदम के बाद अब बिहार को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलना तय माना जा रहा है। पिछले दो दशकों और चार विधानसभा चुनावों से बिहार की सत्ता की कमान जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के हाथों में रही है। अब जब भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा, तो जदयू के गठन के बाद यह पहला अवसर होगा जब यह दल बिहार की सरकार में एक सहयोगी की भूमिका में नजर आएगा।

यह घटनाक्रम बिहार सहित राष्ट्रीय राजनीति में भी व्यापक प्रभाव डाल सकता है। भाजपा और जदयू के बीच गठबंधन को बनाए रखते हुए सत्ता परिवर्तन की यह प्रक्रिया राजनीतिक दृष्टि से एक सुविचारित रणनीति का परिणाम मानी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम में गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे न तो किसी प्रकार का विवाद सामने आया और न ही राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हुई।

नीतीश कुमार ने अपनी पोस्ट में बिहारवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे चारों विधायी सदनों में सेवा करने की अपनी इच्छा पूरी करेंगे। उन्होंने लोकसभा, विधानसभा तथा विधान परिषद का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा राज्यसभा उनका अंतिम लक्ष्य है। नीतीश कुमार ने ये भी कहा है कि नई सरकार को उनका पूर्ण समर्थन रहेगा।

YuvaSahakar Desk