कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने देश के 19 प्रतिष्ठित संस्थानों को औपचारिक रूप से ‘उत्कृष्ट कौशल केंद्र’ के रूप में मान्यता दी है। कौशल भवन में आयोजित समारोह में एमएसडीई सचिव देबाश्री मुखर्जी ने संस्थानों को मान्यता प्रमाणपत्र प्रदान किए। यह मान्यता 8 अक्टूबर 2029 तक प्रभावी रहेगी।
इन संस्थानों को मंत्रालय की दिशा-निर्देश व्यवस्था के तहत ‘त्वरित मार्ग’ प्रक्रिया से सूचीबद्ध किया गया है। इसके माध्यम से राष्ट्रीय महत्व के संस्थान, पीएम-सेतु के तहत उन्नत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान तथा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संचालित उत्कृष्ट कौशल केंद्र सरल और तेज प्रक्रिया से मान्यता प्राप्त कर सकते हैं।
देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि यह पहल देश में उन्नत, स्थायी और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण संस्थानों का विश्वसनीय राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ये केंद्र उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने, उद्योग से जुड़ाव मजबूत करने और युवाओं के लिए बेहतर रोजगार परिणाम सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मान्यता प्राप्त संस्थान नवीकरणीय ऊर्जा, रसायन एवं पेट्रोरसायन, निर्माण, लोहा एवं इस्पात, समुद्री अभियांत्रिकी, पर्यटन एवं आतिथ्य, कृषि तथा बहु-क्षेत्रीय कौशल से जुड़े हैं।
इनमें आईआईटी रुड़की का जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान, विश्व कौशल केंद्र भुवनेश्वर, रक्षा उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान और राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। यह पहल भविष्य की जरूरतों के अनुरूप, उद्योग-केंद्रित और परिणाम आधारित कौशल प्रशिक्षण को मजबूत करेगी।


