Trending News

सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को ठहराया वैध, चुनाव आयोग को दिया अधिकार कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें, डीके शिवकुमार को सत्ता सौंप सकते हैं सिद्धारमैया केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर सहित 12 ठिकानों पर ईडी की रेड, मनी लॉन्ड्रिंग का है मामला, बेटी भी आरोपों के घेरे में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टायटंस को 92 रनों से दी पटखनी, IPL 2026 के फाइनल में पहुंची सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को ठहराया वैध, चुनाव आयोग को दिया अधिकार कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें, डीके शिवकुमार को सत्ता सौंप सकते हैं सिद्धारमैया केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर सहित 12 ठिकानों पर ईडी की रेड, मनी लॉन्ड्रिंग का है मामला, बेटी भी आरोपों के घेरे में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात टायटंस को 92 रनों से दी पटखनी, IPL 2026 के फाइनल में पहुंची

DGMO राजीव घई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (रणनीति) के पद पर पदोन्नति, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका

भारतीय सेना के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (रणनीति) के पद पर पदोन्नत किया गया है। अब वह सेना के रणनीतिक संचालन, खुफिया, लॉजिस्टिक्स और सूचना युद्ध जैसे अहम क्षेत्रों की निगरानी करेंगे।

Published: 14:05pm, 10 Jun 2025

भारत सरकार ने भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (रणनीति) के महत्वपूर्ण पद पर पदोन्नत किया है। यह पद भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में तीन डिप्टी चीफ पदों में से एक है। लेफ्टिनेंट जनरल घई अपनी नई जिम्मेदारी के साथ-साथ DGMO का पद भी संभालते रहेंगे, जिसमें सैन्य संचालन, सैन्य खुफिया, संचालन लॉजिस्टिक्स, और सूचना युद्ध जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई की यह पदोन्नति हाल ही में पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारतीय सेना द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद की गई है, जिसमें उनकी रणनीतिक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही थी। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई की रणनीतिक सोच और सटीक प्लानिंग के चलते ही यह ऑपरेशन इतनी सफलता के साथ अंजाम दिया जा सका।

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 6-7 मई की रात यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया था। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने इस उच्च स्तरीय सैन्य अभियान की योजना बनाई और उसकी निगरानी की। इस दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान की सीमा में लगभग 100 किलोमीटर अंदर घुसकर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया।

इसके बाद जब पाकिस्तानी सेना ने पलटवार करने की कोशिश की तो भारतीय सेना पाकिस्तान में जमकर तबाही मचाई. पाकिस्तान के कई सैन्य अड्डे और एयरबेस तबाह कर दिए गए। अकेले LOC पर ही पाकिस्तानी सेना के 40 जवान मारे गए। इसके बाद पाकिस्तानी सेना के DGMO ने भारत के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई से बात की और सीजफायर की गुहार लगाई थी।

YuvaSahakar Desk