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दूसरे टेस्ट में भारत के तुरुप के इक्के साबित हो सकते हैं लेग स्पिनर कुलदीप यादव

ऑफ स्पिन ऑलराउंडर रविचंद्रन के टेस्ट को अलविदा कहने के बाद रवींद्र जडेजा के बाद कुलदीप यादव भारत के दूसरे सबसे अनुभवी स्पिनर हैं। इंग्लैंड की बाजबॉल शैली के खिलाफ अपनी अलग शैली की लेग स्पिन के कारण कुलदीप यादव भारत के तुरुप के इक्के साबित हो सकते हैं।

भारत इंग्लैंड से पांच टेस्ट मैच की क्रिकेट सीरीज का पहला पहला टेस्ट लीड्स में पांच विकेट से हारने और जसप्रीत बुमराह के लोड मैनेजमेंट के चलते खेलने को लेकर संदेह के चलते अपने गेंदबाजी संयोजन को लेकर खासे असमंजस में नजर आ रहा है। भारत को अब एजबेस्टन में सीरीज के दूसरे मैच इंग्लैंड की बाजबॉल यानी शुरू से दे दनादन की रणनीति की काट के लिए ऐसा गेंदबाजी संयोजन चाहिए जो कि उसके दोनों पारियों में 20 विकेट चटका सके।

बाएं हाथ के लेग स्पिनर कुलदीप यादव अपनी अलग शैली की गेंदबाजी के चलते एजबेस्टन में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भारत की तुरुप के इक्के साबित हो सकते हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत कुलदीप यादव पर दांव लगा उन्हें एजबेस्टन में सीरीज के दूसरे टेस्ट में अपनी एकादश में शामिल करेगा? कुलदीप यादव का अपने घर में तो इंग्लैंड के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार है लेकिन वह अब तक मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ उसके घर में कोई खास धमाल नहीं कर पाए हैं।

भारत के लिए बुमराह ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 5 विकेट लिए थे और प्रसिद्ध कृष्णा ने पहले टेस्ट की दोनों पारियों को मिला कर कुल पांच विकेट लिए लेकिन वह बेहद महंगे साबित हुए। बुमराह को छोड़ कर भारत के मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध और शार्दूल ठाकुर सहित बाकी तीनों गेंदबाज बेदम साबित हुए और इसी के चलते इंग्लैंड ने नियोजित बालबॉल के बूते दूसरी पारी में जीत के लिए 371 रन का लक्ष्य बेन डकेट के बड़े शतक के बूते मात्र 5 विकेट खोकर हासिल कर टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली।

भारत के लिए बड़ी दिक्कत है यह रही कि उसने पहले टेस्ट में आधा दर्जन कैच टपकाए और शीर्ष क्रम में पांच शतकों के बावजूद निचले क्रम के ताश के पत्तों की तरह ढहने से उसे पहले टस्ट में दबदबे के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। कुलदीप के एकादश में शामिल करने के लिए भारतीय टीम प्रबंधन के जेहन में यह बात भी रहेगी कि भारत के बाहर खासतौर पर इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका,, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में खेलने का उन्हें कोई खास अनुभव नहीं है। कुलदीप हालांकि 2018 में सिडनी में चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट चटका चुके हैं। वहीं 2018 में कुलदीप यादव ने इंग्लैंड में उसके खिलाफ लॉडर्स में जो इकलौता टेस्ट खेला था उसमें वह एक भी विकेट नहीं ले पाए थे।

कुलदीप यादव ने मेहमान इंग्लैंड के खिलाफ 2024 में अपने घर में टेस्ट सीरीज में 19 विकेट चटकाए थे और उसकी बाजबॉल की शैली पर अंकुश लगाया था। कुलदीप भी अपने आदर्श ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न की तरह कलाई के लेग स्पिनर हैं। वॉर्न इंग्लैंड के खिलाफ खासे कामयाब रहे और कुलदीप उनसे प्रेरणा ले भारत को एजबेस्टन में दूसरे टेस्ट में जीत दिला कर सीरीज में एक-एक की बराबरी दिला सकते हैं।

ऑफ स्पिन ऑलराउंडर रविचंद्रन के टेस्ट को अलविदा कहने के बाद रवींद्र जडेजा के बाद कुलदीप यादव भारत के दूसरे सबसे अनुभवी स्पिनर हैं। इंग्लैंड की बाजबॉल शैली के खिलाफ अपनी अलग शैली की लेग स्पिन के कारण कुलदीप यादव भारत के तुरुप के इक्के साबित हो सकते हैं। दिक्कत यह है कि भारत यदि कुलदीप यादव को एकादश में शामिल करता तो उसका निचला क्रम और कमजोर हो जाएगा।

भारत कम से कम बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को बाहर उनकी जगह तो कुलदीप यादव को एकादेश में शामिल नहीं करेगा? एजबेस्टन में मंगलवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट की पिच को इंग्लैंड में स्पिनरों की सबसे मुफीद पिच बताया जा रहा है। भारत चाहे तो शार्दूल ठाकुर की जगह कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा को एकादश मे शामिल कर बड़ा दांव खेल सकता है। यदि बुमराह नहीं  खेलते है तो बाएं हाथ का तेज गेंदबाज होने और गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने के कौशल के चलते अर्शदीप सिंह उनकी जगह भारत की एकादश में सही विकल्प हो सकते हैं।

YuvaSahakar Desk