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कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक ने पार किया 2,000 करोड़ का कारोबार

दिल्ली के सबसे बड़े अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में हासिल किया ऐतिहासिक लक्ष्य, एनपीए माइनस में और मजबूत सीआरएआर के साथ दिखाया शानदार प्रदर्शन

Published: 09:12am, 02 Aug 2025

दिल्ली के सबसे बड़े अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक – कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत तक 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर एक बड़ा मुकाम हासिल किया है।

बैंक की हाल ही में जारी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, बैंक का कुल कारोबार (जमा + ऋण) 2,081.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें 1,317.73 करोड़ रुपये की जमा राशि और 763.47 करोड़ रुपये के कर्ज शामिल हैं।

बैंक के अध्यक्ष लक्ष्मी दास हैं, जो देशभर के अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों की शीर्ष संस्था नाफकुब (NAFCUB) के अध्यक्ष भी हैं।

बैंक ने 6.84 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है, जबकि कर पूर्व लाभ (प्रॉफिट बिफोर टैक्स) 7.64 करोड़ रुपये रहा। यह बैंक की सशक्त संचालन क्षमता और समझदारी भरे वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।

बैंक की वर्किंग कैपिटल 1,485.49 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जबकि शेयर पूंजी 45.18 करोड़ और रिजर्व फंड 83.41 करोड़ रुपये रहा।

कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक ने अपनी संपत्ति की गुणवत्ता को भी शानदार तरीके से बनाए रखा है। बैंक की नेट एनपीए -0.27% रही, जो दर्शाता है कि बैंक का लोन पोर्टफोलियो बेहद मजबूत है। वहीं बैंक का कैपिटल टू रिस्क असेट रेशियो (CRAR) 13.71% है, जो नियामक मानकों से काफी बेहतर है।

बैंक वर्तमान में 43,000 से अधिक सदस्यों और 1.23 लाख से ज्यादा गैर-सदस्य ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है। यह उपलब्धि बैंक को एक भरोसेमंद और सक्रिय सहकारी बैंक के रूप में और मजबूत बनाती है।

YuvaSahakar Desk