दिल्ली विश्वविद्यालय 20 नवंबर 2026 को अपना 103वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित करेगा। इस बार विश्वविद्यालय डिग्री वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रहा है। पहली बार छात्रों को उसी कैलेंडर वर्ष में डिग्री प्रदान की जाएगी, जिस वर्ष वे अपना पाठ्यक्रम पूरा करेंगे।
विश्वविद्यालय के अनुसार यह निर्णय छात्रों की उच्च शिक्षा और रोजगार से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। विशेष रूप से विदेश में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करने वाले या स्नातक के बाद नौकरी तलाश रहे छात्रों के लिए समय पर डिग्री प्रमाणपत्र मिलना महत्वपूर्ण होता है।
कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह के अनुसार नई व्यवस्था छात्रों को प्रवेश, भर्ती और दस्तावेज सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं में सुविधा देगी। डिग्री मिलने में देरी के कारण कई छात्रों को आगे की पढ़ाई या नौकरी के आवेदन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। दीक्षांत समारोह 20 नवंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के मल्टीपर्पज हॉल में आयोजित होगा। इस अवसर पर 85,231 स्नातक छात्रों और 7,235 स्नातकोत्तर छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके अलावा 400 से अधिक पीएचडी शोधार्थियों को भी उपाधियां दी जाएंगी।
शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए 163 छात्रों को स्वर्ण पदक, एक छात्र को रजत पदक और 34 छात्रों को अन्य पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। नई व्यवस्था से दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को डिग्री समय पर मिलने के साथ आगे की पढ़ाई और करियर अवसरों में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।


