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ईरान जंग से कच्चा तेल 2022 के बाद सबसे महंगा, सेंसेक्स 2,100 अंक गिरकर 76,800 पर आया

तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है, अनुमान है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल 5 से 6 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं

Published: 12:02pm, 09 Mar 2026

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारतीय बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि भारतीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।

9 मार्च को ब्रेंट क्रूड की कीमत 25% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद केवल 10 दिनों में कच्चा तेल लगभग 60% महंगा हो चुका है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार गई थीं। हालात बिगड़ने पर तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।

तेल की कीमतों में उछाल की बड़ी वजह ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ मार्ग का लगभग बंद होना और मिडिल ईस्ट की ऑयल रिफाइनरियों पर हमले हैं। दुनिया के करीब 20% पेट्रोलियम का परिवहन इसी रास्ते से होता है। भारत अपनी जरूरत का करीब 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी इसी मार्ग से आयात करता है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का असर शेयर बाजार पर भी पड़ा है। आज सेंसेक्स करीब 2,100 अंक यानी 2.60% गिरकर 76,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी करीब 700 अंक टूटकर 23,800 के आसपास पहुंच गया। बैंकिंग, ऑटो, मेटल, एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई।

जियोपॉलिटिकल तनाव और युद्ध की स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है और निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करने लगते हैं। इससे शेयर बाजार में गिरावट आती है।

तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। अनुमान है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल 5 से 6 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त तेल भंडार है, जिससे सप्लाई रुकने की स्थिति में भी 7 से 8 सप्ताह तक जरूरतें पूरी की जा सकती हैं।

इस बीच डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर होकर 92.28 के स्तर पर पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।

Diksha