राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने अहमदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन में आयोजित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) के पांचवें डेयरी समिट के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
इस अवसर पर आईसीसी गुजरात स्टेट काउंसिल के चेयरमैन पाथिक एस. पटवारी, भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक अतुल राठी, हेस्टर बायोसाइंसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ राजीव गांधी तथा गुजरात सरकार के पशुपालन निदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज सुतारिया भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. शाह ने कहा कि भारत का डेयरी क्षेत्र अब केवल सहायक गतिविधि नहीं रहा, बल्कि यह लाखों किसानों के लिए आजीविका का प्रमुख स्रोत बन चुका है। उन्होंने बताया कि कृषि के सकल मूल्य वर्धन (GVA) में पशुधन क्षेत्र का योगदान लगातार बढ़ रहा है और इसमें डेयरी का हिस्सा महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सहकारी मॉडल ने छोटे और सीमांत किसानों को संगठित बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अमूल, नंदिनी, वेरका, सुधा और सांची जैसे मजबूत क्षेत्रीय सहकारी ब्रांड किसानों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें बेहतर मूल्य दिलाने में अहम योगदान दे रहे हैं।
“सस्टेनेबल और लाभकारी डेयरी भविष्य के लिए नवाचार” विषय पर बोलते हुए डॉ. शाह ने कहा कि भारत की डेयरी यात्रा में नवाचार ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने भैंस के दूध से स्किम्ड मिल्क पाउडर का उत्पादन और इलेक्ट्रॉनिक मिल्क टेस्टिंग मशीन (EMT) जैसे उदाहरणों का उल्लेख किया, जिन्होंने दूध संग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाई है।
उन्होंने एनडीडीबी की कई पहलों का भी जिक्र किया, जिनमें स्वदेशी सेक्स-सॉर्टेड सीमन तकनीक, स्वदेशी गाय और भैंस के लिए ‘गौ चिप’ और ‘महिष चिप’ जैसे जीनोमिक चिप, पशुओं के उपचार के लिए एथनो-वेटरनरी मेडिसिन (EVM) प्रोटोकॉल, पशुओं के लिए संतुलित आहार सुनिश्चित करने हेतु राशन बैलेंसिंग प्रोग्राम (RBP) तथा डेयरी क्षेत्र में टिकाऊपन और परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए खाद प्रबंधन मॉडल शामिल हैं।
डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि एनडीडीबी सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी हितधारकों से नवाचार पर जोर देने का आह्वान किया। उन्होंने उत्पादकता बढ़ाने, संगठित डेयरी क्षेत्र की बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने, मूल्य संवर्धित उत्पादों को बढ़ावा देने और वैश्विक डेयरी निर्यात में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने समिट के दौरान डेयरी क्षेत्र से जुड़ी नवाचार, तकनीक और सेवाओं को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।


