केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारत की पहली सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और मुरलीधर मोहोल तथा सहकारिता सचिव आशीष कुमार भूटानी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए 1200 से अधिक टैक्सी चालक, जिन्हें ‘सारथी’ कहा गया, शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मालिकाना हक का मॉडल विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामख्या तक सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार टैक्सी क्षेत्र में नहीं उतर रही, बल्कि सहकारिता टैक्सी के क्षेत्र में प्रवेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी संभवतः दुनिया की पहली ऐसी टैक्सी सेवा है, जिसका वास्तविक मालिक कोई व्यक्ति या निजी कंपनी नहीं, बल्कि स्वयं टैक्सी चालक है। भारत टैक्सी से जुड़े सभी सारथी इस सहकारी संस्था के मालिक हैं। यह मॉडल उनके जीवन, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिति में बड़ा परिवर्तन लाएगा।
अमित शाह ने अमूल का उदाहरण देते हुए कहा कि छोटी शुरुआत भी बड़े परिणाम दे सकती है। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में अधिकतम शेयर पूंजी केवल 500 रुपये है, जो सारथियों को मालिक का दर्जा देती है। हर पांच वर्ष में चालक अपने प्रतिनिधि चुनेंगे, जो बोर्ड में बैठकर उनके हितों की रक्षा करेंगे।
उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी कुल मुनाफे का केवल 20 प्रतिशत रखेगी और शेष राशि सीधे चालकों के खाते में जाएगी। किसी प्रकार की बुकिंग फीस, प्लेटफॉर्म फीस या कमीशन नहीं लिया जाएगा। ग्राहक द्वारा भुगतान की गई राशि तुरंत चालक के खाते में स्थानांतरित होगी।
भारत टैक्सी में चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया सभी प्रकार के वाहनों को शामिल किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘सारथी दीदी’ की विशेष अवधारणा शुरू की गई है, जिसके तहत महिला यात्रियों को महिला चालक द्वारा ही सेवा दी जाएगी।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि भारत टैक्सी ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, इफको टोक्यो इंश्योरेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पेटीएम, जीएमआर सहित नौ प्रमुख संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों से डिजिटल संचालन, अंतिम मील कनेक्टिविटी, बीमा, वित्तपोषण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
दिल्ली में 21 स्थानों पर 34 प्री पेड टैक्सी बूथों का डिजिटल संचालन भारत टैक्सी द्वारा किया जाएगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से संयुक्त कमांड और कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया गया है, जिसमें रियल टाइम राइड मॉनिटरिंग और एसओएस अलर्ट की सुविधा होगी।
अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी से जुड़े सभी चालक ई श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे, जिससे उन्हें पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के चार मूल मंत्र हैं – स्वामित्व, सुरक्षा, सम्मान और सबका पहिया सबकी प्रगति। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मॉडल देश के टैक्सी चालकों की समृद्धि, आत्मसम्मान और आर्थिक मजबूती का माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम से पहले इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विज्ञान भवन तक 100 कारों की रैली निकाली गई। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच सारथियों को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और पांच लाख रुपये के पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा के साथ सम्मानित किया गया।
अमित शाह ने कहा कि फिलहाल सेवा की शुरुआत दिल्ली एनसीआर और गुजरात के कुछ शहरों में की गई है और अगले तीन वर्षों में इसे देशभर में विस्तारित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारत की पहली सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत का स्वागत करते हुए इसे ड्राइवरों को सशक्त बनाने और सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने वाला कदम बताया। साथ ही ‘सारथी दीदी’ पहल को महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में अहम बताते हुए उन्होंने इसे समावेशी विकास और अंत्योदय की ओर मजबूत कदम बताया।


