भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर पशु आहार जैसे डीडीजीएस और रेड ज्वार के आयात बढ़ने की आशंकाओं के बीच गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने कहा है कि इससे भारत के डेयरी क्षेत्र पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जयेन मेहता ने इस समझौते को किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इसमें घरेलू डेयरी और कृषि हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेयरी और कृषि क्षेत्रों में बाजार पहुंच से जुड़ी चिंताओं को दूर किया गया है, जिससे भारतीय उत्पादकों के हित सुरक्षित रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात को मजबूत बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत अमेरिका को भारतीय डेयरी उत्पादों के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे डेयरी और कृषि दोनों क्षेत्रों की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


