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Gen-Z के पास डिग्री है लेकिन वर्कप्लेस स्किल्स कमजोर

नई पीढ़ी के युवा यानी Gen-Z तेजी से नौकरी की दुनिया में कदम रख रहे हैं, लेकिन उनके पेशेवर व्यवहार और कार्यस्थल कौशल को लेकर कंपनियों की चिंता भी बढ़ रही है

Employers Flag Communication and Professional Skills Gap Among Gen Z Graduates


Published: 16:31pm, 03 Sep 2026

नई पीढ़ी के युवा यानी Gen-Z तेजी से नौकरी की दुनिया में कदम रख रहे हैं, लेकिन उनके पेशेवर व्यवहार और कार्यस्थल कौशल को लेकर कंपनियों की चिंता भी बढ़ रही है। समस्या केवल तकनीकी ज्ञान की नहीं, बल्कि यह भी है कि ईमेल किसे भेजना है, मीटिंग में असहमति कैसे जतानी है, बॉस से सवाल कब पूछना है और AI से मिले जवाब को कैसे परखना है।

नेशनल एसोसिएशन ऑफ कॉलेज एंड एम्प्लॉयर्स के सर्वे में 71.2% कंपनियों ने नए ग्रेजुएट्स को नौकरी के लिए केवल “कुछ हद तक तैयार” बताया। सिर्फ 21.6% कंपनियों ने माना कि वे अच्छी तरह तैयार हैं, जबकि 7.2% ने उन्हें बिल्कुल तैयार नहीं माना। एक अन्य सर्वे में 75% कंपनियों ने हाल में भर्ती किए गए ग्रेजुएट्स के प्रदर्शन को असंतोषजनक बताया।

चौंकाने वाली बात यह है कि 800 से अधिक HR अधिकारियों के सर्वे में 37% ने कहा कि वे नए ग्रेजुएट को भर्ती करने के बजाय AI या रोबोट से काम कराना पसंद करेंगे। 30% ने पद खाली रखना बेहतर माना।

विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे कोरोना काल का भी असर है। लंबे समय तक ऑनलाइन पढ़ाई, स्क्रीन टाइम, सामाजिक दूरी और वर्क-फ्रॉम-होम संस्कृति ने युवाओं के संवाद और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित किया।

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर टेसा वेस्ट का कहना है कि तकनीकी कौशल सिखाना आसान है, लेकिन लोगों से बातचीत, मतभेद संभालना और टीम में काम करना समय मांगता है।

वहीं पेन्सिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीटर कैपेली मानते हैं कि केवल युवाओं या कॉलेजों को दोष देना गलत है। कंपनियों ने भी वर्षों में ट्रेनिंग और मेंटरशिप कम की है।

विशेषज्ञों की राय साफ है—Gen-Z को “कमजोर” कहने के बजाय कॉलेज और कंपनियों को मिलकर उन्हें ऑफिस कल्चर, कम्युनिकेशन और AI के जिम्मेदार इस्तेमाल की ट्रेनिंग देनी होगी

Jitendra