विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन पर चीफ कोच गौतम गंभीर सहित पूरे टीम प्रबंधन का भरोसा भारत के काम आया। संजू के न्यूजीलैंड के खिलाफ टी 20 सीरीज में बल्ले से औसत प्रदर्शन के बावजूद खासतौर पर चीफ कोच गौतम ने हमेशा यह कह कर कि वह बड़े मैच के खिलाड़ी हैं, उन पर भरोसा बनाए रखा। संजू सैमसन ने आईसीसी टी 20 विश्व कप जैसे सबसे बड़े मंच पर महज 50 गेंदों में चार छक्कों और 12 चौकों की मदद से अविजित 97 रन की अब तक के अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर की संभवतः सबसे यादगार पारी खेल कर मौजूदा चैंपियन भारत को वेस्ट इंडीज पर यहाँ सबसे अहम आखिरी सुपर 8 मैच में पांच विकेट से जीत दिला कर सेमीफाइनल में स्थान दिया।
मैच के घटनाक्रम की बात करें तो, सदाबहार अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (2/36) द्वारा अपने दूसरे ओवर में चटकाए दो विकेटों की मदद से भारत ने वेस्ट इंडीज को पहले बल्लेबाजी की दावत देकर लचर फील्डिंग के बावजूद निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट पर 195 रन पर रोक दिया। वेस्ट इंडीज की ओर से कप्तान शे होप (32 रन, 33 गेंद, एक छक्का, तीन चौके) व रॉस्टन चेज (40 रन, 25 गेंद, एक छक्का, पांच चौके) की पहले विकेट की 68 रन तथा रॉवमैन पॉवेल और जेसन होल्डर (37) की पांचवें विकेट की 75 रन की भागीदारियां रहीं। जसप्रीत बुमराह ने अपने दूसरे ओवर में पहले शिमरॉन हेटमायर (27 रन, 12 गेंद, दो छक्के, एक चौका) को विकेटकीपर संजू सैमसन के और फिर चेज को कप्तान सूर्यकुमार यादव के हाथों कवर में लपकवाया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए मैन ऑफ द मैच संजू सैमसन (अविजित 97) की कप्तान सूर्यकुमार यादव (18 रन, 16 गेंद, एक छक्का, एक चौका) के साथ तीसरे विकेट की 58 और तिलक वर्मा (27 रन, 15 गेंद, एक छक्का, चार चौके) के साथ चौथे विकेट की 42 रन की भागीदारी की मदद से भारत ने 19.2 ओवर में पांच विकेट पर 199 रन बनाकर मैच जीत लिया। संजू सैमसन ने मैच के आखिरी ओवर में रोमारियो शेफर्ड की पहली गेंद पर छक्का और दूसरी पर चौका जड़ भारत को यह बेहद रोमांचक मुकाबले में शाही अंदाज में जिताया। संजू ने एक तरह ‘क्वार्टर फाइनल’ के आखिरी ओवर में जीत दिलाने के बाद जिस तरह यहाँ ईडन पर घुटनों पर बैठ कर ’गॉड‘ का आभार जताया, उससे यह साफ था कि उनके दिलो-दिमाग से हालिया नाकामियों का बोझ भी दूर हो गया।
जीत के हीरो संजू सैमसन की बेमिसाल पारी को सराहते हुए भारत के चीफ कोच गौतम गंभीर ने एकदम ठीक कहा, “संजू सैमसन की पारी विश्व स्तरीय खिलाड़ी द्वारा खेली एक बेहतरीन पारी थी। हमारी भारतीय टीम को संजू की जब सबसे ज्यादा जरूरत थी तब उन्होंने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। संजू ने अपनी प्रतिभा दिखाई। हम जानते थे कि संजू सही वक्त पर बड़ी पारी खेलेंगे और उन्होंने इसके लिए वेस्ट इंडीज जैसी टीम और टी 20 विश्व कप जैसा बड़ा मंच चुना। मैं खुद केकेआर के लिए बतौर क्रिकेटर और कोच ईडन गार्डन्स की पिच पर खूब खेला हूँ, मैं जानता था कि इस पिच पर 240-260 तक के लक्ष्य का पीछा किया जा सकता है।”
गंभीर ने कहा कि संजू ने अपनी पारी के दौरान बेहतरीन क्रिकेट शॉट खेले और वह बिल्कुल भी हड़बड़ी में नहीं दिखे। यह दिखाता है कि वह कितने प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज उनके लिए खासी मुश्किल रही और ऐसे में उन्हें कुछ मैचों के लिए एकादश से बाहर रख आराम देना बढ़िया रहा क्योंकि हम चाहते थे कि उन पर से दबाव हट जाए। हमें हमेशा से मालूम था कि हमें जब भी टी 20 विश्व कप मैच में उनकी जरूरत होगी तो वह हमारे लिए बड़ी पारी खेलेंगे। जहाँ तक बुमराह की बात है, हमारी रणनीति उनको प्रतिद्वंद्वी की ताकत के खिलाफ इस्तेमाल करने की थी।
गौतम गंभीर ने टीम के प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए कहा, “शुरू में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले तिलक वर्मा ने पांचवें व छठे नंबर पर भी बल्लेबाजी की। आप खुद देख लें कि वह इन नंबर पर कितना बढ़िया खेले। आपके पास यह प्रतिभा होनी चाहिए कि जहाँ अपने तय बल्लेबाजी क्रम की बजाय किसी भी पोजीशन पर खेल सकें। मेरी राय में बल्लेबाजी में पोजीशन को बेवजह कुछ ज्यादा ही तवज्जो दी जा रही है। मेरा मानना है कि टीम की कामयाबी में छोटे-छोटे योगदान अहम होते हैं क्योंकि बरसों से हम किसी एक बड़े योगदान की ही चर्चा करते रहे हैं। आप सभी अब टीम में हर किसी के छोटे से छोटे योगदान तक की चर्चा कर रहे हैं। रविवार को हमारी जीत में हर किसी ने छोटा पर अहम योगदान किया। मेरे लिए संजू की 97 रन की पारी जितनी अहम है, उतनी ही अहम है शिवम के दो गेंदों पर लगाए दो चौके। बड़ी पारियां सुर्खियां बटोरती हैं लेकिन छोटे-छोटे योगदान टीम को आखिरी बाधा के पार ले जा कर जीत दिलाते हैं और हमारी टीम का दर्शन यही है।”
भारत के हेड कोच ने आगे कहा, “हमने गेंद से अच्छा आगाज किया। जब आप वेस्ट इंडीज के खिलाफ इस अहम सुपर 8 जैसा मैच खेलते हैं तो नई गेंद से हमें जिस बढ़िया आगाज की जरूरत थी, वह हार्दिक व अर्शदीप सिंह, दोनों ने किया। हमने जिस तरह से शुरू के तीन ओवर में गेंदबाजी की वह बहुत बढ़िया थी। अक्षर ने पावरप्ले में दो अच्छे ओवर फेंक कर अपनी जिम्मेदारी निभाई, उन्होंने वाकई बढ़िया गेंदबाजी की। पावरप्ले में खेल हमारे हाथ से नहीं निकला बल्कि हमने इसमें बढ़िया गेंदबाजी की। अगर एक बार पावरप्ले आपके हाथ से निकल जाता है तो फिर मैच पर नियंत्रण बनाना मुश्किल हो जाता है।”
गंभीर ने टीम के दृष्टिकोण पर बात करते हुए कहा, “मैं टीम के सही वक्त पर पूरे रंग में आने की बात में यकीन नहीं करता। टी 20 विश्व कप बहुत छोटा टूर्नामेंट है जो जल्द शुरू होकर जल्द ही खत्म भी हो जाएगा। मैं किसी खिलाड़ी और टीम के बाबत उसके आंकड़ों में यकीन नहीं करता। मैं अपने खिलाड़ियों से डेटा की बजाय अपने मन की सुनने को कहता हूँ। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि जब आप भारत के लिए खेलने उतरते हैं तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखा कर हर मैच जीतना जरूरी है। मैं टीम और खिलाड़ियों की बाबत डेटा की बहुत कुछ जानता नहीं हूँ क्योंकि मेरा इसमें यकीन ही नहीं है। क्रिकेट में बहुत कुछ मन पर यकीन करने से होता है। टी 20 क्रिकेट में बहुत कुछ खुद पर भरोसा कर अपने मन की करने पर निर्भर करता है।”
उन्होंने अंत में कहा, “हमारी खुशकिस्मती है कि हमारे पास संजू सैमसन और ईशान किशन के रूप में दो बेहतरीन बल्लेबाज हैं। संजू सैमसन को जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज के खिलाफ बढ़िया पारियों से बेशक आत्मविश्वास मिला होगा। मैं ईडन गार्डन्स के मैदान की पिच की बाबत बतौर कोच और क्रिकेटर इस पर बहुत खेलने के कारण जानता हूँ कि आपके पास विकेट बाकी हैं तो आप इस पर 240 से भी बड़े स्कोर का पीछा कर सकते हैं। मैंने आईपीएल में ऐसा होते देखा है।” भारत अब 5 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में सेमीफाइनल में भिड़ेगा।


