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फ्रांस के फ्रेडरिक सोयेज भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम के कोच नियुक्त

पूर्व दिग्गज गोलरक्षक पीआर श्रीजेश ने अपना कार्यकाल न बढ़ाए जाने और हॉकी इंडिया की 'डेवलपमेंट टीम' के प्रस्ताव पर तीखा कटाक्ष किया है। श्रीजेश ने विदेशी कोचों की बहुलता पर सवाल उठाते हुए सरदार सिंह और रानी रामपाल जैसे भारतीय दिग्गजों के अनुभव पर दिलीप तिर्की के नजरिए को चुनौती दी है।

Published: 17:33pm, 15 May 2026

नई दिल्ली, 15 मई, 2026: फ्रांस के फ्रेडरिक सोयेज को हॉकी इंडिया ने भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम का कोच नियुक्त किया है। पूर्व हॉकी ओलंपिक गोलरक्षक पीआर श्रीजेश ने भारतीय जूनियर हॉकी टीम के कोच के रूप में दिसंबर, 2025 में अपना करार पूरा होने के बाद इसे आगे न बढ़ाए जाने पर हॉकी इंडिया की खासी आलोचना की थी। करीब डेढ़ दशक तक फ्रांस के लिए अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खेलने वाले सोयेज यूरोपीय हॉकी के सबसे दक्ष कोचों में से एक हैं। सोयेज ने डेढ़ दशक से अधिक समय तक विश्व हॉकी में मुख्य कोच के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है।

भारत को लगातार दो ओलंपिक में हॉकी में बतौर गोलरक्षक कांसा जिताने वाले श्रीजेश के बतौर कोच मार्गदर्शन में भारत ने बीते बरस चेन्नई में एफआईएच जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप में कांसा जीता। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की का मानना है कि श्रीजेश को बराबर बदलती अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को समझने के लिए अभी और अनुभव की जरूरत है और इसीलिए उन्हें भारत की डेवलपमेंट टीम का कोच बनने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।

श्रीजेश को भले ही भारत की जूनियर टीम के कोच के करार को आगे न बढ़ाने पर गुस्सा या निराशा हो सकती है, लेकिन हकीकत यह है कि बराबर बदलती अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को समझने के लिए श्रीजेश को बेशक और वक्त और अनुभव चाहिए। सोयेज की भारतीय जूनियर हॉकी टीम के कोच के रूप में नियुक्ति भारत की 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के मुताबिक उच्च स्तरीय प्रदर्शन के ढांचे को तैयार करने की दीर्घकालिक सोच के अनुसार है।

फ्रांस और स्पेन की राष्ट्रीय हॉकी टीमों के कोच रहे सोयेज फ्रांस के लिए 1995 से 2010 तक 196 अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच खेले और 195 गोल किए। सोयेज ने बतौर चीफ कोच फ्रांस को 2016 के रियो और 2020 के टोक्यो ओलंपिक और फिर 2024 के पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कराया।

सोयेज को नौजवान प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए जाना जाता है और बतौर कोच उनके मार्गदर्शन में फ्रांस ने 2013 में दिल्ली में एफआईएच जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप में रजत पदक जीतने के साथ फ्रांस की अंडर-18 टीम को 2025 की यूरोपीय हॉकी चैंपियनशिप में रजत पदक जिताया। साथ ही, वह 2021 से 2024 तक फ्रेंच हॉकी फेडरेशन के हाई परफार्मेंस डायरेक्टर रहे। वह दो पुरुष हॉकी विश्व कपों (2018 व 2023) और छह यूरोपीय हॉकी चैंपियनशिप में टीम के कोच रहे, जो उनके अंतर्राष्ट्रीय हॉकी अनुभव की बानगी बताता है।

सोयेज अपने हाई परफॉरमेंस सिस्टम, खिलाड़ियों को तैयार करने के साथ पेनल्टी कॉर्नर रणनीतिक दक्षता के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने मजबूत रणनीतिक और हर स्तर पर खेलने में सक्षम हॉकी टीमें तैयार की हैं। सोयेज की नियुक्ति भारत सरकार के उस मकसद के मुताबिक है, जिसके तहत भारत को 2036 के ओलंपिक तक निरंतर कामयाबी और हॉकी में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से आगे बढ़ना है।

हॉकी इंडिया की दीर्घकालिक रणनीति में अंतर्राष्ट्रीय हॉकी विशेषज्ञों के साथ-साथ भारतीय प्रशिक्षकों के विकास पर भी खास जोर दिया गया है। जानकारी बांटने और निरंतरता पक्की करने के लिए, भारतीय प्रशिक्षकों को सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर राष्ट्रीय शिविरों में एकीकृत किया गया है। वहां नामित भारतीय प्रशिक्षक प्रत्येक स्तर पर संबंधित मुख्य प्रशिक्षकों के साथ मिलकर काम करते हैं। इस ढांचे का मकसद सभी आयु वर्गों के कार्यक्रमों में समान और समन्वित कोचिंग दर्शन तैयार करना है, जिससे यह पक्का हो सके कि सब-जूनियर से जूनियर और अंततः सीनियर स्तर तक पहुंचने वाले खिलाड़ी एक ही खेल पद्धति और रणनीतिक ढांचे के तहत तैयार हों। हॉकी इंडिया का मानना है कि यह एकीकृत दृष्टि 2036 ओलंपिक की तैयारियों के दौरान देश के लिए प्रतिभाओं का एक व्यापक पूल तैयार करने में मददगार होगी।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने सोयेज की भारत की जूनियर हॉकी टीम के कोच के रूप में नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा, ‘हम सोयेज का हॉकी इंडिया परिवार में स्वागत करते हैं। सोयेज के पास बेहतरीन अनुभव है और वह कई ओलंपिक, विश्व कप और यूरोपीय चैंपियनशिप में टीमों को प्रशिक्षण दे चुके हैं। साथ ही सोयेज ने नौजवान प्रतिभाओं और हाई परफॉरमेंस सिस्टम तैयार किया है। हमारा मानना है कि सोयेज के अनुभव और कौशल से भारतीय हॉकी लाभान्वित होगी क्योंकि हम 2036 के ओलंपिक के लिए एक व्यापक दीर्घकालिक दृष्टि की दिशा में काम करना जारी रखे हैं।’

श्रीजेश का कटाक्ष श्रीजेश ने एक्स पर ट्वीट कर हॉकी इंडिया के भारत की डेवलपमेंट टीम के कोच के प्रस्ताव पर पलटकर सवाल किया था कि क्या भारत की कोई डेवलपमेंट टीम है? इसके कौन से खिलाड़ी हैं? इसका क्या कार्यक्रम है और यह किन टूर्नामेंट के लिए तैयारी कर रही है? श्रीजेश ने कहा कि भारत की चार हॉकी टीमों के छह विदेशी कोच हैं। तीन विदेशी स्ट्रेंग्थ और कंडीशनिंग कोच हैं। एक विदेशी वीडियो विश्लेषक है। दो विदेशी गोलकीपिंग (मेहमान) कोच हैं। फिर श्रीजेश ने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की पर कटाक्ष कर कहा कि चलो कम से कम हमारे पास एक टीम- भारत पुरुष अंडर-18 के लिए सरदार सिंह और भारत की महिला अंडर-18 टीम के लिए रानी रामपाल हैं। सरदार और रानी रामपाल बतौर कोच अच्छा काम कर रहे हैं। फिर भी संभवतः हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिर्की को लग सकता है कि दोनों (सरदार और रानी रामपाल) अभी भी भारतीय टीमों को कोचिंग देने के लिए पर्याप्त अनुभवी अथवा पूरी तरह योग्य नहीं हैं।

YuvaSahakar Desk

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