सुपर स्ट्राइकर कईलियान बापे के दो बेहतरीन मैदानी और ब्रैडले बारकोला के एक गोल की बदौलत फ्रांस ने स्वीडन पर 3-0 की एकतरफा जीत के साथ फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 में अंतिम 16 में स्थान पा लिया। कइलियान बापे (18 गोल) दो गोल करने के साथ विश्व कप फुटबॉल के इतिहास में अर्जेंटीना के लियोनल मैसी (19 कुल) के बाद दूसरे सबसे ज्यादा गोल करने वाले फुटबॉलर बन गए। मैसी और बापे मौजूदा संस्करण में अब तक सबसे ज्यादा छह छह गोल कर गोल्डन बूट की होड़ में सबसे आगे चल रहे है। बापे अब तक विश्व कप फुटबॉल के नॉकआउट चरण में रिकॉर्ड दस गोल कर चुके हैं।
बापे अभी मात्र 27 बरस के हैं और विश्व कप फुटबॉल के इतिहास में दूसरे सबसे ज्यादा गोल करने वाले फुटबॉलर बन चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि विश्व कप में उन्होंने अब तक औसतन हर मैच में एक-एक गोल किया। अपने ग्रुप के तीनों मैच जीत शीर्ष पर रही फ्रांस ने अंतिम 32 में भी अपने शानदार खेल को जारी रखा। फ्रांस ने स्वीडन के खिलाफ पहले हाफ में गजब के आक्रामक फुटबॉल की बानगी पेश कर सभी को मोह लिया। बापे ने पहले हाफ के शुरू में ही तेज शॉट जमा गोल में गेंद डाली, लेकिन रेफरी ने उन्हे ऑफ साइड दे यह गोल नकार दिया। और इसके बाद उनके शॉट पर गेंद गोलस्तंभ की बल्ली को टकरा कर बाहर निकल गई।
बापे ने पहला हाफ खत्म होने से ठीक पहले कॉर्नर पर गेंद को बॉक्स के बीच संभालने के बाद स्वीडन के तीन डिफेंडरों को गच्चा दे दनदनाता शॉट जमा गोल कर फ्रांस का खाता खोला। माइकल ओलिस ने दूसरे हाफ के आठवें मिनट में बॉक्स के भीतर पहुंच साथी स्ट्राइकर बैडले बारकोला की ओर गेंद बढ़ाई और उन्होंने स्वीडन के गोलरक्षक जैकब जेटरस्ट्रॉम को छका गोल कर फ्रांस को 2-0 से आगे कर दिया। ओलिस के एक और बेहतरीन पास पर काइलियान बापे ने 74वें मिनट में मैच का अपना दूसरा गोल कर फ्रांस को 3-0 से आगे कर मौजूदा संस्करण में अब तक छह गोल करने के अर्जेंटीना के लियोनल मैसी की बराबरी कर ली। फ्रांस की टीम अब जब 4 जुलाई को फिलाडेल्फिया में अंतिम 16 में पराग्वे से भिड़ेगी।
मेजबान मैक्सिको अंतिम 16 में
स्ट्राइकर जूलियन कुइनोनेज और राउल जिमनेज के पहले हाफ में दागे एक-एक गोल की बदौलत सह मेजबान मैक्सिको ने इक्वेडोर को 2-0 से हरा अंतिम 16 में प्रवेश कर अपना शानदार अभियान जारी रखा। मैक्सिको सिटी के खराब मौसम के चलते मैक्सिको स्टेडियम में मैच करीब एक घंटा देर से शुरू हुआ। इक्वेडोर के खिलाफ खेलने उतरे 17 बरस के मैक्सिको के गिल्बर्टो मोरा (17 बरस, 259) 1958 में ब्राजील के पेले (17 बरस, 239 दिन) के वेल्स के खिलाफ खेलने उतरने के बाद विश्व कप नॉकआउट में खेलने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के फुटबॉलर बन गए।
गिल्बर्टो मोरा, लइस रोमो ,राउल जिमीनेज ने पहले क्वॉर्टर में इक्वोडोर के गोल पर लहरों की तरह हमले बोल कर ऐसा दबाव बनाया कि उसकी रक्षापंक्ति में दबाव में दरार साफ दिखाई देने लगी। इक्वेडोर के जॉन येबो ने मैच के 18वें मिनट में तेज शॉट मैक्सिको के गोल में लगाया लेकिन गेंद करीब से बाहर निकल गई। जूलियन कुइनोनेज ने चार मिनट बाद दनदनाता शॉट जमा गोल कर मैक्सिको का खाता खोला। जूलियन कुइनोनेज के पास पर मैच के 31वें मिनट में राउल जिमनेज ने गोल कर मेजबान मैक्सिको की बढ़त 2-0 कर दी।
मैक्सिको के सीजर मोंटेज और योहान वसकुएज ने दूसरे हाफ में अपने गोलरक्षक राउल रंगेल के साथ अपने किले की मजबूत चौकसी की। मोंटेज और योहान वसकुएज ने सिर से गेंद को गोल में डालने की कोशिश लेकिन बहुत करीब से गोल करने से चूके। मैच खत्म होने से ठीक पहले मैक्सिको के सांतियागो से बेवजह बहस करने पर इक्वेडोर के हिनकेपल को लाल कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। मैक्सिको अब अंतिम 16 में 6 जुलाई को अपने घर मैक्सिको सिटी स्टेडियम में इंग्लैंड और कांगो के बीच अंतिम 32 के विजेता से भिड़ेगा।


