Trending News

NTA ने UGC NET विवाद पर 50 से अधिक कर्मचारी हटाए, 3 हफ्ते बाद री-एग्जाम भारत-थाईलैंड की संयुक्त सैन्य अभ्यास आज से होगा शुरू, 31 अगस्त तक चलेगा EPFO आज लाइव पेंशन सेशन आयोजित करेगा भारत आज नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स (BRICS) पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा पुडुचेरी में 18 से 30 अगस्त तक ‘हेरिटेज ऑफ एजुकेशन’ थीम पर हेरिटेज फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को अब वार्षिक कैलेंडर के तहत किया जाएगा समयबद्ध, योगी सरकार का फैसला NTA ने UGC NET विवाद पर 50 से अधिक कर्मचारी हटाए, 3 हफ्ते बाद री-एग्जाम भारत-थाईलैंड की संयुक्त सैन्य अभ्यास आज से होगा शुरू, 31 अगस्त तक चलेगा EPFO आज लाइव पेंशन सेशन आयोजित करेगा भारत आज नई दिल्ली में 12वीं ब्रिक्स (BRICS) पर्यावरण मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा पुडुचेरी में 18 से 30 अगस्त तक ‘हेरिटेज ऑफ एजुकेशन’ थीम पर हेरिटेज फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को अब वार्षिक कैलेंडर के तहत किया जाएगा समयबद्ध, योगी सरकार का फैसला

प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. मांगी लाल जाट बने डेअर सचिव और आईसीएआर महानिदेशक, संभाला पद

डॉ. मांगी लाल जाट सुप्रसिद्ध सिस्टम एग्रोनोमिस्ट हैं, जिनके पास टिकाऊ खेती, जलवायु स्मार्ट खेती जैसी प्रणाली को बढ़ावा देने का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने हिमांशु पाठक का स्थान लिया है जिन्हें 6 मार्च को आईसीआरआईएसएटी का महानिदेशक बनाया गया था।

Published: 13:03pm, 21 Apr 2025

प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कृषि वैज्ञानिक और इक्रीसेट के डिप्टी डायरेक्टर जनरल एवं इसी संस्थान के ग्लोबल रिसर्च प्रोग्राम में डायरेक्टर रहे डॉ. मांगी लाल जाट को केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च एंड एजुकेशन (डेअर) का नया सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का महानिदेशक नियुक्त किया गया है। उन्होंने सोमवार को पदभार संभाल लिया। उन्होंने हिंमाशु पाठक का स्थान लिया है जिनका कार्यकाल पिछले महीने ही समाप्त हो गया था। पाठक को इक्रीसेट का महानिदेशक बनाया गया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने 17 अप्रैल को डॉ. मांगी लाल जाट की नियुक्ति को मंजूरी दी। उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। उनका चयन देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों की एक समिति ने किया है, जिसमें आईसीएआर के दो पूर्व महानिदेशक, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु के डायरेक्टर और अन्य एक्सपर्ट शामिल थे। नियुक्ति समिति ने 7 मार्च को उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया था, जिसमें पांच वैज्ञानिकों को शॉर्टलिस्ट किया गया। समिति की सिफारिशों के बाद डॉ. मांगी लाल जाट की नियुक्ति को मंजूरी दी और इस संबंध में अधिसूचना जारी की गयी।

4 मई, 1971 को राजस्थान के पचकोदिया में जन्मे मांगी लाल जाट ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली से वर्षा आधारित बाजरा में मृदा नमी संरक्षण में विशेषज्ञता के साथ कृषि विज्ञान में पीएचडी की है। उनके शोध ने एशिया और अफ्रीका में छोटे किसानों के लिए सतत गहनता की रणनीतियों को नया आकार दिया जिससे खाद्य प्रणाली के जलवायु अनुकूल उत्पादन में वैश्विक प्रयासों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डॉ. मांगी लाल जाने-माने  एग्रोनॉमिस्ट हैं। उन्हें सिस्टम साइंस में 25 साल से ज्यादा का अनुभव है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके शोध व नेतृत्व को मिली पहचान को नियुक्ति की मुख्य वजह माना जा रहा है। उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान मिले हैं, जिनमें आईसीएआर का प्रतिष्ठित रफी अहमद किदवई पुरस्कार भी शामिल है।

उनके शोध क्षेत्रों में संरक्षण कृषि, पुनर्योजी कृषि, खेती प्रणाली, सटीक खेती और जलवायु-स्मार्ट कृषि शामिल हैं। देश के प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्थान ICAR के प्रमुख के रूप में जाट की नियुक्ति टिकाऊ खेती के तरीकों के महत्व को रेखांकित करती है। उनकी नियुक्ति से आईसीएआर के व्यापक कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर नवाचार , साधरणीयता एवं किसान केंद्रित अनुसंधान को गति मिलने की उम्मीद है।

डॉ. जाट की कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में प्रमुख के रूप में भूमिका रही हैं, जिनमें संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) और इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ प्रिसिजन एग्रीकल्चर (आईएसपीए) शामिल हैं। डॉ. जाट जलवायु परिवर्तन, मृदा क्षरण और खाद्य प्रणाली में परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए आईसीएआर के मार्गदर्शन हेतु अग्रसर हैं। उनका दृष्टिकोण सतत विकास, सटीक खेती एवं अपनी विशाल आबादी के लिए पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

YuvaSahakar Team