केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) मुख्यालय में आयोजित 13वीं गवर्निंग बॉडी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के मत्स्य मंत्रियों के साथ राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और NFDB के गैर-सरकारी सदस्य शामिल हुए।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने NFDB को अधिक सक्रिय विकास संस्था के रूप में काम करने, मछुआरों और मत्स्य किसानों तक अंतिम स्तर तक पहुंच मजबूत करने तथा राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और उपलब्ध धनराशि के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से पूर्वोत्तर और अंतर्देशीय राज्यों में उत्पादन, आपूर्ति और खपत के अंतर को कम करने के लिए लक्षित सहयोग की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि देश का मत्स्य उत्पादन 2019-20 के 141.64 लाख टन से बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया है, लेकिन उत्पादकता बढ़ाने की और गुंजाइश है।
मत्स्य विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने बताया कि समुद्री खाद्य निर्यात का मूल्य करीब 70,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने सहकारी समितियों, FFPOs, स्टार्टअप और निजी उद्यमियों के जरिए निवेश और उद्यमिता बढ़ाने पर जोर दिया।
राज्यों के मत्स्य मंत्रियों ने फिश मार्केट, इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क, प्रशिक्षण और जलाशयों के बेहतर उपयोग के लिए केंद्र से निरंतर सहयोग की मांग की। बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत कर मत्स्य एवं जलीय कृषि क्षेत्र के विकास को तेज करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।


