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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया IIT मद्रास के पहले प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन का उद्घाटन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली में आईआईटी मद्रास के पहले प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन 2026 का उद्घाटन किया। "From IITM. For Bharat. Building Together" थीम पर आधारित इस आयोजन में शोध और नवाचार के लिए ₹1 लाख करोड़ के सरकारी प्रावधान तथा उद्योग-सरकार की 50:50 भागीदारी पर जोर दिया गया।

Published: 15:31pm, 06 May 2026

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आईआईटी मद्रास द्वारा आयोजित पहले ‘प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन 2026’ का विधिवत उद्घाटन किया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। “From IITM. For Bharat. Building Together” के संकल्प के साथ आयोजित इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और सरकार के मध्य एक सुदृढ़ समन्वय स्थापित करना है।

नवाचार के लिए वित्तीय प्रोत्साहन और विजन

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आईआईटी मद्रास वर्तमान में शोध आधारित और समाज-केंद्रित नवाचार (Innovation) के क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए साझा किया कि केंद्र सरकार ने अनुसंधान और विकास (R&D) के लिए ₹1 लाख करोड़ का विशेष प्रावधान किया है। मंत्री महोदय ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भविष्य में शोध निवेश की जिम्मेदारी सरकार और उद्योग जगत के बीच 50:50 के अनुपात में साझा होनी चाहिए, ताकि देश की शोध क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।

पेटेंट से उत्पादों तक का सफर

शिक्षा मंत्री ने आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब शोध और अनुसंधानों को केवल पेटेंट या शैक्षणिक प्रकाशनों तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक उत्पादों और सामाजिक समाधानों में परिवर्तित किया जाए। उन्होंने “विकसित भारत 2047” के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक समन्वित और परिणामोन्मुखी बनाने की आवश्यकता है।

रणनीतिक साझेदारी और तकनीकी प्रदर्शन

इस अवसर पर महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए आईआईटी मद्रास ने एनटीपीसी (NTPC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और एचएसबीसी (HSBC) के सहयोग से स्वास्थ्य सेवा (Healthcare) और सतत विकास के क्षेत्र में नए अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का संकल्प लिया। शिखर सम्मेलन में आयोजित प्रदर्शनी में संस्थान के 15 ‘उत्कृष्टता केंद्रों’ द्वारा विकसित तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जो सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आधुनिक समाधान प्रदान करती हैं।

YuvaSahakar Desk