नई दिल्ली: सीबीएसई की तीन भाषा नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अब 17 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई होगी। सुनवाई में अदालत ने कक्षा 6 के छात्रों को नई व्यवस्था से राहत देने की संभावना पर विचार करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने इसी मुद्दे से जुड़ी एक नई याचिका पर भी नोटिस जारी किया है।
सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन भाषा व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी और इनमें कम से कम दो भारतीय भाषाओं का होना जरूरी होगा। नई व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों की ओर से कई याचिकाएं दायर की गई हैं।
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि कक्षा 6 के छात्रों को भी राहत देने पर विचार किया जा सकता है। उनका कहना था कि इन छात्रों को जनवरी में ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जा चुका है। ऐसे में सत्र के बीच अचानक नई व्यवस्था लागू करने से छात्रों के सामने व्यावहारिक मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि वह संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर सरकार का पक्ष सामने रखेंगे।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कक्षा 7 को लेकर भी अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नई भाषा व्यवस्था लागू करने के लिए 2028 तक इंतजार करना जरूरी नहीं है और इसे 2026 से ही लागू किया जा सकता है।
सुनवाई में अंग्रेजी को संभावित छूट के दायरे में शामिल किए जाने का मुद्दा भी उठा। याचिकाकर्ताओं ने छात्रों की परीक्षाओं और अभिभावकों की चिंता का हवाला देते हुए मामले के जल्द समाधान की मांग की है।
अब 17 सितंबर की सुनवाई पर छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों की नजर रहेगी क्योंकि इसी दौरान कक्षा 6 को राहत और तीन भाषा नीति के आगे के क्रियान्वयन को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।


