Trending News

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 20 जुलाई तक जारी कर सकती है NEET UG री-एग्जाम का रिजल्ट देश में विधानसभा की तीन सीटों के लिए उपचुनाव 30 जुलाई को, बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने खारिज की स्कूलों में मंत्र-प्रार्थना पाठ अनिवार्य करने की राज्य सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ: 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच पहला जत्था रवाना, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिखाई हरी झंडी रक्षा, ऊर्जा, AI में भारत-जापान के बीच हुए बड़े समझौते, PM मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची को बताया अपनी छोटी बहन शाहरुख खान ने रचा नया कीर्तिमान, लॉस एंजेलिस में बनवाया नाइट राइडर्स के नाम से क्रिकेट स्टेडियम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 20 जुलाई तक जारी कर सकती है NEET UG री-एग्जाम का रिजल्ट देश में विधानसभा की तीन सीटों के लिए उपचुनाव 30 जुलाई को, बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने खारिज की स्कूलों में मंत्र-प्रार्थना पाठ अनिवार्य करने की राज्य सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ: 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच पहला जत्था रवाना, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिखाई हरी झंडी रक्षा, ऊर्जा, AI में भारत-जापान के बीच हुए बड़े समझौते, PM मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री ताकाइची को बताया अपनी छोटी बहन शाहरुख खान ने रचा नया कीर्तिमान, लॉस एंजेलिस में बनवाया नाइट राइडर्स के नाम से क्रिकेट स्टेडियम

स्कूलों में मंत्र-प्रार्थना पाठ के साय सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से खारिज

यह याचिका राज्य सरकार की ओर से 12 जून को जारी परिपत्र के खिलाफ दायर की गई थी

Published: 16:32pm, 02 Jul 2026

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में मंत्रों और प्रार्थनाओं के पाठ को अनिवार्य करने से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने दायर याचिका को खारिज कर दिया है। राज्य सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि प्रदेश के किसी भी स्कूल में अभी ऐसी व्यवस्था लागू नहीं की गई है। सरकार के इस बयान को संज्ञान में लेते हुए कोर्ट ने याचिका पर आगे सुनवाई की जरूरत नहीं मानी।

यह याचिका राज्य सरकार की ओर से 12 जून को जारी परिपत्र के खिलाफ दायर की गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि परिपत्र में स्कूलों में मंत्रों और प्रार्थनाओं के पाठ को अनिवार्य करने की बात कही गई है। उन्होंने इसे संविधान के आर्टिकल 28 का उल्लंघन बताया था। आर्टिकल 28 के तहत राज्य द्वारा पोषित शिक्षण संस्थानों में किसी भी व्यक्ति को धार्मिक शिक्षा या धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि परिपत्र के बावजूद अभी तक किसी भी स्कूल में मंत्र या प्रार्थना पाठ को अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि वर्तमान में ऐसी कोई बाध्यकारी व्यवस्था प्रभावी नहीं है।

हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं को भविष्य के लिए राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि यदि आगे चलकर स्कूलों में इस तरह की गतिविधियां वास्तव में शुरू होती हैं, तो याचिकाकर्ता नई याचिका दायर कर सकते हैं। इस फैसले के बाद मामला फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन कोर्ट ने संवैधानिक अधिकारों से जुड़े सवालों के लिए भविष्य का रास्ता खुला रखा है।

YuvaSahakar Desk

Recent Post