मौजूदा चैंपियन भारत पिछले उपविजेता दक्षिण अफ्रीका से अहमदाबाद में ग्रुप 1 के अहम सुपर 8 मैच में रविवार को 76 रन से हारकर आईसीसी टी20 क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचने को अगर-मगर में फंस चुका है। सूर्य कुमार यादव की अगुआई वाली टीम इंडिया को अब सब कुछ भुलाकर जिम्बाब्वे को बृहस्पतिवार को चेन्नै में और वेस्ट इंडीज को 1 फरवरी को सुपर 8 मैचों में कोलकाता में बड़े अंतर से हराने पर ध्यान लगाना चाहिए। सेमीफाइनल को लेकर अगर-मगर में फंसे भारत का पहला मकसद अब जिम्बाब्वे के खिलाफ चेन्नै के एमए चिदंबरम स्टेडियम में बृहस्पतिवार को अपने ग्रुप 1 के दूसरे सुपर 8 मैच में बड़े अंतर से जीत है।
ऑफ स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की जगह भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी उपकप्तान बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल को एकादश में शामिल कर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्हें बाहर रखने की रणनीतिक भूल को सुधारने की जरूरत है। भारत ने 2024 में जिम्बाब्वे से पहला मैच हारने के बाद उससे अगले लगातार चार मैच जीतकर सीरीज 4-1 से जीती थी और उसमें वाशिंगटन सुंदर 8 विकेट लेकर मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। बावजूद इसके सुंदर का जिम्बाब्वे के खिलाफ बृहस्पतिवार को भारत की एकादश में स्थान बरकरार रखना मुश्किल नजर आता है।
सूर्य कुमार यादव तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरें तो जिम्बाब्वे के स्पिनर भारत के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी का लाभ नहीं उठा सकेंगे। सूर्य टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत के लिए 32 मैचों में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी कर खासे कामयाब रहे हैं। भारत को अब जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत की राह पर लौटना है। उसे वेस्ट इंडीज की तरह टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपना ध्यान बड़ा स्कोर खड़ा करने पर लगाना होगा। रिंकू सिंह अपने बीमार पिता खानचंद को नोएडा के एक अस्पताल में देखकर मंगलवार रात ही वापस चेन्नै लौट चुके हैं।
रिंकू यदि उपलब्ध नहीं हुए तो तभी मौजूदा संस्करण से पहले अचानक अपनी लय खोने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की एकादश में वापसी हो सकती है, हालांकि इसकी संभावना कम नजर आती है। अपने शुरू के तीन मैचों में खाता खोलने में नाकाम रहने वाले विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भारत के लिए पहले सुपर 8 मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 12 गेंदों पर 15 रन बनाए, लेकिन उनसे उनके परिचित आक्रामक अंदाज में भारत को मौजूदा संस्करण में बड़ी पारी का अभी भी इंतजार है।
भारत के अपने चारों ग्रुप मैच जीतने और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला सुपर 8 मैच हारने में एक बल्लेबाज को छोड़कर उसका शीर्ष क्रम जूझता ही नजर आया है। सच तो यह है कि भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना अब ग्रुप 1 के बाकी मैचों के नतीजों पर बहुत हद तक जा टिका है। जिम्बाब्वे को वेस्ट इंडीज के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर खासा जूझना पड़ा। चेन्नै में चेपॉक की पिच भी बहुत हद तक वानखेड़े स्टेडियम की तरह बल्लेबाजों के मुफीद लग रही है। भारत के सलामी बल्लेबाज इशान किशन, कप्तान सूर्य कुमार और अब रंगत पाने के करीब लग रहे सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा जैसे बड़े हिटर चेन्नै में चल गए तो फिर उसके पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 रन के करीब पहुंचने की उम्मीद की जा सकती है और इस स्कोर को पार पाना जिम्बाब्वे के लिए बहुत मुश्किल चुनौती होगी।
कप्तान सूर्य कुमार यादव (180 रन) एक अर्द्धशतक और सलामी बल्लेबाज इशान किशन (176 रन) दो अर्द्धशतक व शिवम दुबे (158 रन) सहित भारत के लिए रन बनाने में क्रमशः पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर चल रहे हैं, वहीं तिलक वर्मा (कुल 107 रन) भी सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की तरह रनों के लिए जूझते दिख रहे हैं।
भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर 8 में मैच में जीत की राह पर लौटना है तो उसे शीर्ष क्रम में इशान किशन, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के रूप में बाएं हाथ के तीन बल्लेबाजों की मौजूदगी का प्रतिद्वंद्वी टीम के ऑफ स्पिनरों द्वारा उठाए गए लाभ से बचना होगा। पाकिस्तान के सलमान आगा और दक्षिण अफ्रीका के ऑफ स्पिनरों ने इसका लाभ उठाया है और ऐसे में खुद कप्तान सूर्य कुमार यादव तीसरे नंबर पर उतर सकते हैं। रिंकू हालांकि वापस चेन्नै लौट आए हैं। यदि वह नहीं खेले तो फिर संजू सैमसन को एकादश में मौका मिले तो तब अभिषेक के साथ संजू और फिर इशान को तीसरे नंबर पर भेजकर इस क्रम को बदलना कारगर हो सकता है।
भारत के लिए बेशक उपकप्तान अक्षर पटेल बतौर स्पिन ऑलराउंडर के रूप में वाशिंगटन सुंदर की जगह बेहतर विकल्प होंगे। अक्षर जिम्बाब्वे के रनों के प्रवाह को रोकने के साथ उसके स्पिनरों के खिलाफ स्ट्राइक रोटेट करने और बड़े स्ट्रोक खेलकर निचले मध्यक्रम में बड़ी पारी खेलकर भारत को बड़ी पारी तक पहुंचा सकते हैं। जिम्बाब्वे के मौजूदा संस्करण में सबसे कामयाब तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी (11 विकेट) व ब्रैड इवांस (9 विकेट) के साथ स्पिन त्रिमूर्ति कप्तान सिकंदर रजा, रेयन बर्ल और ग्रेम क्रेमर से चौकस रहना होगा। भारतीय बल्लेबाजी को अपना हाथ पीछे छिपाकर गेंदबाजी करने वाले कप्तान ऑफ स्पिनर सिकंदर रजा, ऑफ स्पिनर हैमिल्टन मसाकाद्जा और लंबे कद के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी से जरूर चौकस रहना होगा।
भारत के हार्दिक पांड्या पारी के शुरू अथवा बीच के ओवरों में बतौर गेंदबाज बेहतर विकल्प हैं। अनुभवी जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह के साथ बतौर तेज गेंदबाज ऐसे में पारी के शुरू और आखिरी के चार-चार ओवर में बेहतर विकल्प हैं। भले ही मिस्ट्री स्पिनर के रूप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वरुण चक्रवर्ती की धुनाई हो गई हो, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ वह बेशक बतौर गेंदबाज भारत की गेंदबाजी का तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।
भारत के लिए बीच के ओवर में हार्दिक के साथ शिवम दुबे खासतौर पर बेहतर विकल्प हो सकते हैं। जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी ब्रायन बेनेट (कुल 180 रन) और सिकंदर रजा (104 रन) पर निर्भर है, लेकिन मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (10 विकेट) व उपकप्तान अक्षर पटेल (6 विकेट) के साथ जसप्रीत बुमराह (7 विकेट), अर्शदीप सिंह (5 विकेट), हार्दिक पांड्या (5 विकेट) और शिवम दुबे (4 विकेट) के विविधतापूर्ण गेंदबाजी आक्रमण से पार पाना उसके लिए खासा मुश्किल होगा। जिम्बाब्वे के चीफ कोच जस्टिन सैमंस भी यही मानते हैं कि भारत की रणनीति भी वेस्ट इंडीज की तरह उनकी टीम के खिलाफ शुरू से दनादन कर बड़ा स्कोर बनाने की होगी, लेकिन अच्छी बात बस यही है कि चेपॉक की बाउंड्री वानखेड़े से कुछ बड़ी है।
भारत का सेमीफाइनल का गणित
भारत को यह भी दुआ करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैचों में जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज को हराकर तीन जीत के साथ ग्रुप 1 में शीर्ष पर रहे। तब दक्षिण अफ्रीका पहले और भारत दूसरे स्थान पर रहकर सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। दक्षिण अफ्रीका यदि वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे से हार जाता है और भारत वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे को हरा देता है, तो तब वेस्ट इंडीज और भारत सेमीफाइनल में पहुंचेंगे।
दक्षिण अफ्रीका यदि वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे से हार गया और भारत ने जिम्बाब्वे को हरा दिया लेकिन वेस्ट इंडीज से हार गया तो वेस्ट इंडीज सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा और तब बाकी तीन टीमों के दो-दो अंक हो जाएंगे तो सेमीफाइनल का गणित नेट रन रेट पर आ टिकेगा। दक्षिण अफ्रीका यदि वेस्ट इंडीज और जिम्बाब्वे को भी हरा देता है और भारत जिम्बाब्वे से हार जाता है लेकिन वेस्ट इंडीज को हरा देता है, तो तब दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा, लेकिन बाकी तीन टीमों के दो-दो अंक हो जाएंगे और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम का फैसला नेट रन रेट से होगा। दक्षिण अफ्रीका और वेस्ट इंडीज ने जिस धमाकेदार अंदाज में ग्रुप 1 में बड़ी जीत के साथ आगाज किया, उससे भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है।
भारत की नेट रन रेट -3.80 है जबकि दक्षिण अफ्रीका की +3.80 रन है। वेस्ट इंडीज अपने पहले ग्रुप 1 मैच में जिम्बाब्वे पर 107 रन की बड़ी जीत के साथ 5.35 रन की नेट रन रेट से शीर्ष पर है। अपना खिताब बरकरार रखने की दावेदार के रूप में उतरा भारत ग्रुप ए में अपने चार मैच जीतकर शीर्ष पर रह सुपर 8 में स्थान बना चुका था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका से पहला ग्रुप मैच हार गया।
भारत के बल्लेबाज मौजूदा टी20 विश्व कप में इससे पहले दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में सपाट पिचों पर टी20 सीरीज की तरह दनादन अंदाज में बल्लेबाजी नहीं कर पाए हैं। बेहतर नेट रन रेट के लिए बृहस्पतिवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम अपने दूसरे सुपर 8 में पहले बल्लेबाजी करते हुए 220 रन बनाती है तो उसे प्रतिद्वंद्वी टीम को 120 या इससे कम रन पर रोकना होगा। वहीं जिम्बाब्वे पहले बल्लेबाजी करती है तो भारत को उसे 150 या इससे कम तक ही रोकना होगा और फिर इस लक्ष्य को 11 या 12 ओवर में पार करना होगा।


