दुनिया के बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में मौजूदा चेंपियन भारत चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ बृहस्पतिवार को काकामिगहारा (जापान) में एशियाई खेलों के पहले पुरुष हॉकी सेमीफाइनल में जीत और बीते करीब एक दशक के दबदबे को बनाए रखने के मकसद से उतरेगा। भारत का पलड़ा करीब एक दशक से पाकिस्तान के खिलाफ भारी है। बावजूद इसके इन दोनों चिर प्रतिद्वंद्वियों के बीच मैच पर दुनिया भर के हॉकी प्रेमियों की निगाहें रहेंगी। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अब तक कुल चार बार और पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा आठ और आखिरी बार 2010 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता।
भारत पाकिस्तान से यह सेमीफाइनल जीतता है तो वह पहली बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक बरकरार रखने के एक कदम और करीब पहुंच जाएगा। कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह के हैट्रिक सहित चार गोल से भारत ने हांगजू में 2023 के पिछले एशियाई खेलों में पाकिस्तान को पूल मैच में 10-2 से करारी शिकस्त दी थी। भारत के लिए अच्छी खबर है कि उसके स्टार स्ट्राइकर अभिषेक नैन फिट हैं। बदकिस्मती से आक्रामक सेंटर हाफ राज कुमार पाल बांग्लादेश के खिलाफ पूल ए के आखिरी पूल मैच में अंगूठे में चोट के चलते पाकिस्तान के खिलाफ इस अहम सेमीफाइनल से बाहर हो गए हैं। राजुकमार पाल की जगह भारत ने अनुभवी मिडफील्डर नीलकांत शर्मा को टीम में शामिल किया है।
भारतीय हॉकी टीम पाकिस्तान से 2016 में दक्षिण एशियाई खेलों के फाइनल में हारने के बाद उससे एक भी मैच नहीं हारी है। भारत और पाकिस्तान दोनों से फाइनल में स्थान पाने से बस एक कदम दूर हैं और दोनों ही जरा सी गलती गवारा नहीं कर सकती हैं। भारत अभिषेक नैन, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह,शिलानंद लाकरा और मंदीप सिंह जैसे अपने तेज तर्रार स्ट्राइकरों के साथ कप्तान हरमनप्रीत सिंह,सुमित,अमित रोहिहास जैसे फुलबैक से सज्जितअनुशासित रक्षापंक्ति के भरोसे पाकिस्तान से बृहस्पतिवार को सेमीफाइनल में पार पाने उतरेगा। पाकिस्तान की कोशिश अपने ड्रैग फ्लिकर सूफियान खान के बूते पेनल्टी कॉर्नर को भुनाने की होगी।
भारत को पाकिस्तान के खिलाफ जीत के साथ लगातार दूसरी बार फाइनल में बनाना है तो अब तक आठ-आठ गोल करने कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिह, स्ट्राइकर अभिषेक नैन तथा सबसे ज्यादा नौ गोल करने वाले दिलप्रीत सिंह को यूं ही गोल करने का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी जारी रखना होगा। अभिषेक को बांग्लादेश के खिलाफ पूल ए के आखिरी मैच में पहला गोल करने के बाद मांसपेशी में आए खिंचाव के बाद भारत ने एहतियातन आगे मैच में नहीं उतारा था। भारत के एम्सतलवीन (नीदरलैंड) और वावर (बेल्जियम) में एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में बेल्जियम से हार आठवें स्थान पर रहने और वहां चीफ कोच क्रेग फुल्टन के मध्यपंक्ति में बेवजह के प्रयोग करने में देख साफ दिखा था उनकी प्राथमिकता ही 2026के जापान में चल रहे एशियाई खेल हैं। क्रेग फुल्टन भारत के चीफ हॉकी कोच के रूप में स्ट्रक्चर और प्रोसेस की बहुत चर्चा करते हैं, जो कि हॉकी विश्व कप 2026 में दिखा ही नहीं। गनीमत है कि जापान में एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी टीम तय नीति से खेलती दिखी और चीफ कोच फुल्टन साहब ने बेवजह के प्रयोगों से परहेज ही किया।
भारत को पाकिस्तान के खिलाफ जीत के सिलसिले को आगे बढ़ाना है तो खासतौर पर स्ट्राइकर अभिषेक नैन, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह(पांच गोल) व शिलानंद लाकरा (5 गोल) के साथ अनुभवी मंदीप सिंह(तीन गोल) जैसे स्ट्राइकरों को मैदानी गोल करने के मौके भुनाने के साथ ज्यादा से ज्यादा पेनल्टी कॉर्नर बनाने होंगे। भारत के पास पेनल्टी कॉर्नर को भुना गोल करने में सक्षम कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय राणा, राजिंदर सिंह और अमित रोहिदास के रूप में एक नहीं पांच ड्रैग फ्लिकर है। भारत के लिए आक्रामक मिडफील्डर राजिंदर सिंह ने दो तथा मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद व संजय राणा ने एक एक गोल किया है। मौजूदा संस्करण में सबसे ज्यादा 11 गोल करने वाले पाकिस्तान के ड्रैग फ्लिकर सूफियान खान से भारत को चौकस रहना होगा। पाकिस्तान के सूफियान खान के पेनल्टी कॉर्नर को रोकने में भारत के अनुभवी रशर अमित रोहिदास, मनप्रीत सिंह और विवेक सागर प्रसाद की भूमिका खासी अहम रहेगी।
पिछले दो ओलंपिक में भारत को कांसा जिताने में बतौर गोलरक्षक ‘दीवार‘ की भूमिका निभाने वाले गोलरक्षक पीआर श्रीजेश के अपने ‘पैड’ टांगने के बाद से उन जैसे मुस्तैद गोलरक्षक की अभी भी तलाश है। सच तो यह है एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में भारत की इकलौती कमजोर कड़ी उसके गोलरक्षक सूरज करकेरा व मोहित शाशिकुमार ही साबित हुए हैं। भारत ने मौजूदा एशियाई खेलों में मात्र तीन गोल खाए हैं लेकिन उसके लिए अच्छी बात है मेजबान जापान के जवाबी हमलों के खिलाफ उसके दोनों गोलरक्षक सूरज और मोहित ने जरूर मुस्तैदी दिखाई और एक भी गोल नहीं खाया। पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में भी भारत के दोनों गोलरक्षक सूरज व मोहित और जापान के खिलाफ पूल ए मैच जैसी मुस्तैदी दिखाने की जरूरत होगी।
भारत ने इस साल पाकिस्तान को एफआईएच प्रो हॉकी लीग में 7-1और 4-3 से हराने के बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अपने स्ट्राइकर अभिषेक के दो दो गोल से पाकिस्तान को एम्सतलवीन (नीदरलैंड) में एफआईएच विश्व कप 2026 में पूल मैच में 5-3 से शिकस्त दी थी। दोनों देशों के बीच अब तक हुए कुल 184 मैचों में भारत ने 70 और पाकिस्तान ने 82 मैच जीते जबकि 32 ड्रॉ रहे। बेशक पाकिस्तान ने भारत से कुल 12 मैच ज्यादा जीते लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह फासला बीते एक दशक में बहुत कम हुआ। कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह और पूर्व कप्तान संदीप सिंह के नाम भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कुल सबसे ज्यादा 21-21 गोल किए हैं। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारत ने मौजूदा एशियाई खेलसें में अजेय रह कर जीत का ‘पंजा’ जड़ कर पूल ए में कुल 15 अंकों और कुल 49 गोल कर मात्र तीन गोल खाकर +45 के गोल अंतर के साथ शीर्ष पर रहकर स्वर्ण पदक बरकरार रखने की ओर कदम बढाए हैं। अभिषेक नैन और कप्तान हरमनप्रीत सिह के एक एक गोल से भारत ने पूल ए में मौजूदा संस्करण में मेजबान जापान पर जरूर कुछ संघर्ष के बाद 2-0 से जीत दर्ज कर इसे छोड़ कर बाकी सभी एकतरफा रहे पूल मैच बड़े अंतर से जीते हैं।
पाकिस्तान ने पूल बी में पांच में चार मैच जीत मलयेशिया से हार कर दूसरे स्थान पर रह कर सेमीफाइनल में स्थान पाया। पाकिस्तान ने पूल बी में पांच मैचों में कुल 20 गोल किए और आठ गोल खाए और ड्रैग फ्लिकर सूफियान खान ने इनमें से अकेले उसके लिए सबसे ज्यादा 11 गोल किए हैं। अहमद नदीम ने तीन, मुहम्मद अम्माद ,अबू महमूद व हन्नान शाहिद ने दो तथा अब्दुल रहमान, अम्माद बट व गजनफर अली ने एक एक गोल किया। पाकिस्तान की गोल दागने के लिए अपने ड्रैग फ्लिकर सूफियान खान पर जिस तरह जरूरत से ज्यादा निर्भर दिखाई देती है उसके मद्देनजर भारत की रक्षापंक्ति में खुद कप्तान हरमनप्नीत सिंह, संजय राणा, सुमित और अमित रोहिदास की बतौर फुलबैक कोशिश अहमद नदीम ,हन्नान शाहिद और मुहम्मद अम्माद को अपनी डी के बाहर रोकने की होगी। साथ भारत के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद और राजिंदर सिंह को पाकिस्तान के हमलों के वक्त तेजी से पीछे आकर अपनी रक्षापंक्ति की मदद करने की रहेगी जिससे कि दोनों गोलरक्षक सूरज करकेरा और मोहित शशिकुमार पर दबाव कम रहे।
पाक के खिलाफ सेमीफाइनल में लय के साथ उतरेंगे : फुल्टन
भारत के चीफ क्रेग फुल्टन ने कहा, ‘राज कुमार पाल का चोट खाना दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि पाकिस्तान के खिलाफ अहम सेमीफाइनल से पहले हमारे पास उनकी जगह नीलकांत शर्मा के रूप में अनुभवी आक्रामक मिडफील्डर मौजूद है। एशियाई खेल जैसे हॉकी टूर्नामेंट में सेमीफाइनल बहुत अहम होता है और मैं इसे लेकर खासा रोमांचित हूं। हम पेनल्टी-कॉर्नर अटैक और डिफ़ेंस सहित जैसी चीजों पर ध्यान दे रहे हैं उन सभी में जरूरी सुधार करेंगे और यही हमारे लिए जरूरी है। हमें सेमीफाइनल में अपनी योजना को मैदान पर अमली जामा पहनाना होगा। हमने अपने पूल में पांच बढ़िया मैच खेले हैं। हम अब पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में बढ़िया लय के साथ उतरेंगे।
बृहस्पतिवार ( पुरुष हॉकी का पहला सेमीफाइनल) : भारत बनाम पाकिस्तान, दोपहर (एक बजे से)।


