भारत में साहसिक खेल केवल रोमांच का माध्यम नहीं, बल्कि हिम्मत, धैर्य, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता का भी प्रतीक हैं। इन्हीं मूल्यों को सम्मान देने के लिए युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2024 के विजेताओं की घोषणा की है।
इस वर्ष चार साहसी व्यक्तित्वों को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है। बालजीत कौर और स्कालजांग रिगजिन को लैंड एडवेंचर, रिमो साहा को वाटर एडवेंचर और शिव प्रसाद चमोली को लाइफटाइम अचीवमेंट श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।
साहस की अलग-अलग दुनिया, लक्ष्य एक
तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार चार श्रेणियों—लैंड एडवेंचर, वाटर एडवेंचर, एयर एडवेंचर और लाइफटाइम अचीवमेंट—में दिए जाते हैं। इनका उद्देश्य उन व्यक्तियों को राष्ट्रीय पहचान देना है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में असाधारण साहस, शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और टीमवर्क का परिचय दिया हो।
लैंड एडवेंचर श्रेणी में चुने गए बालजीत कौर और स्कालजांग रिगजिन उन साहसी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिनके लिए दुर्गम पहाड़, बर्फीले रास्ते और चुनौतीपूर्ण भूभाग केवल बाधाएं नहीं, बल्कि खुद को परखने का अवसर होते हैं।
वहीं रिमो साहा को वाटर एडवेंचर श्रेणी में चुना गया है। जल आधारित साहसिक गतिविधियों में तेज धाराएं, बदलता मौसम और अनिश्चित परिस्थितियां प्रतिभागियों की सहनशक्ति और निर्णय क्षमता की कठिन परीक्षा लेती हैं।
जीवनभर के योगदान को सम्मान
शिव प्रसाद चमोली को लाइफटाइम अचीवमेंट श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। यह श्रेणी उन लोगों के लिए है जिन्होंने लंबे समय तक साहसिक गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो और नई पीढ़ी को प्रेरित किया हो।
इस सम्मान का महत्व केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है। यह उस पूरी संस्कृति को सम्मान देता है जिसमें जोखिम के बीच संयम, कठिनाई के बीच धैर्य और चुनौती के बीच नेतृत्व की भावना विकसित होती है।
राष्ट्रपति भवन में मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
चारों पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 के साथ प्रदान किया जाएगा। समारोह की तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।
प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक प्रतिमा, प्रमाणपत्र और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
विजेताओं का चयन राष्ट्रीय चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया। समिति ने प्राप्त नामांकनों की जांच, उपलब्धियों के मूल्यांकन और निर्धारित मानकों के आधार पर इन नामों को राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना।
युवाओं के लिए साहस का संदेश
तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कारों की खासियत यह है कि ये केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं करते, बल्कि युवाओं में जोखिम उठाने, कठिन परिस्थितियों का सामना करने और टीम के साथ लक्ष्य हासिल करने की मानसिकता को भी प्रोत्साहित करते हैं।
एडवेंचर गतिविधियां व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी तैयार करती हैं। मुश्किल परिस्थितियों में तुरंत निर्णय लेना, सीमित संसाधनों में काम करना और दूसरों पर भरोसा करना—ये सभी गुण जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
भारत में पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग और दूसरी साहसिक गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाला यह सम्मान युवाओं को रोमांच की दुनिया में आगे बढ़ने और अपनी सीमाओं को चुनौती देने के लिए प्रेरित करता है।


