देश के दो दिग्गज सहकारी संस्थानों Amul और Saraswat Cooperative Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1 लाख करोड़ के वार्षिक कारोबार (टर्नओवर) का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। इस अभूतपूर्व सफलता पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दोनों संस्थानों और उनसे जुड़े करोड़ों किसानों व बैंक कर्मियों को हार्दिक बधाई दी है।
सोशल मीडिया मंच X पर जारी एक पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि अमूल और सारस्वत सहकारी बैंक द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में 1 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर का आंकड़ा पार करना सहकारिता आंदोलन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि सहकारी संस्थाएं सामूहिक प्रयास, पारदर्शिता और जनभागीदारी के माध्यम से आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
अमित शाह ने अपने संदेश में कहा, “सारस्वत सहकारी बैंक और अमूल द्वारा वर्ष 2025-26 में ₹1 लाख करोड़ के वार्षिक टर्नओवर का आंकड़ा पार करना सहकारिता की शक्ति और उसकी अपार संभावनाओं का जीवंत उदाहरण है। यह उपलब्धि न केवल सहकारी बैंकिंग और डेयरी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि इससे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की यात्रा को भी नई ऊर्जा मिलेगी। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए अमूल और सारस्वत सहकारी बैंक से जुड़े सभी कर्मयोगियों को हार्दिक बधाई।”
अमूल ने रचा सहकारिता के क्षेत्र में नया इतिहास
Amul, जिसे Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation द्वारा संचालित किया जाता है, ने वार्षिक कारोबार में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आंकड़ा पार कर एक नया इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही अमूल इस स्तर तक पहुंचने वाली भारत की पहली सहकारी एफएमसीजी इकाई बन गई है।
करीब 36 लाख दुधारू किसानों के विशाल नेटवर्क पर आधारित अमूल भारत की श्वेत क्रांति का प्रमुख आधार रहा है। दूध, मक्खन, घी, पनीर और अन्य मूल्यवर्धित डेयरी उत्पादों के व्यापक पोर्टफोलियो के साथ अमूल देश के डेयरी उद्योग में लगातार विकास की नई मिसाल कायम कर रहा है।
अमूल का मजबूत वितरण नेटवर्क और किसान-केंद्रित सहकारी मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि मुनाफे का बड़ा हिस्सा किसानों तक पहुंचे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्राप्त होती है।
सारस्वत सहकारी बैंक ने शहरी सहकारी बैंकिंग में बनाया रिकॉर्ड
दूसरी ओर, Saraswat Cooperative Bank ने भी कुल कारोबार में 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। एक सदी से अधिक समय पहले स्थापित यह बैंक आज भारत का सबसे बड़ा शहरी सहकारी बैंक बन चुका है।
बैंक की कई राज्यों में मजबूत उपस्थिति है और यह व्यक्तियों, छोटे व्यवसायों तथा सहकारी संस्थानों को वित्तीय सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। ग्राहकों के भरोसे, आधुनिक तकनीक को अपनाने और रणनीतिक विस्तार जैसे कदमों ने इसके विकास को नई गति दी है।
सारस्वत सहकारी बैंक की वृद्धि में विलय, शाखा विस्तार और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। इन पहलों के माध्यम से बैंक ने वित्तीय समावेशन को मजबूत करने और व्यापक स्तर पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।


