लोकतंत्र की समझ अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी स्वयं सदन चलाकर संसदीय व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे। इसके लिए विद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
युवा संसद में विद्यार्थी अध्यक्ष, मंत्री परिषद, विपक्ष और अन्य संसदीय भूमिकाएं निभाएंगे। वे प्रश्न पूछेंगे, जवाब देंगे, प्रस्ताव रखेंगे और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। एक बैठक में करीब 50 से 55 विद्यार्थी भाग लेंगे और इसकी अवधि अधिकतम एक घंटे होगी।
चर्चा के विषयों में सामाजिक न्याय, सामाजिक सुधार, आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सांप्रदायिक सद्भाव, विद्यार्थी अनुशासन, सरकारी कल्याणकारी योजनाएं, स्वच्छता, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दे शामिल होंगे। किसी राजनीतिक दल, वर्तमान या पूर्व राजनीतिक नेता अथवा किसी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक या व्यक्तिगत टिप्पणी की अनुमति नहीं होगी। संसदीय मर्यादा और अनुशासन का पालन अनिवार्य रहेगा।
विद्यालयों को राष्ट्रीय युवा संसद योजना के पोर्टल पर किशोर सभा के अंतर्गत पंजीकरण कराना होगा। आयोजन के बाद फोटो, वीडियो और कार्यक्रम का विवरण भी पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
राज्य स्तर पर एससीईआरटी उत्तर प्रदेश को नोडल संस्था बनाया गया है, जबकि जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षक निगरानी करेंगे। क्षेत्रीय सांसद, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि या अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जा सकेगा।


