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Hockey Asia Cup: भारत का मकसद अब तीनों सुपर 4 मैच जीत फाइनल में स्थान बनाना

भारत का मकसद अब सुपर 4 में भी अपने तीनों मैच जीत फाइनल में स्थान बनाना है। हालांकि सुपर 4 में शीर्ष दो रहने वाली टीमें फाइनल में खेलेंगी लेकिन किसी भी तरह की अगर-मगर को दरकिनार करने के लिए भारत की कोशिश तीनों मैच जीत शीर्ष पर रहने की होगी।

कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह के अनुकरणीय खेल और उनके सात गोल की बदौलत सधे कदमों से अपने तीनों मैच जीत भारत ने पूल ए में शीर्ष पर रहकर 12वें पुरुष हॉकी एशिया कप में स्थान पाने के पहले मकसद को हासिल किया। भारत के लिए एक बात यह रही है कि कजाकिस्तान के खिलाफ आखिरी पूल मैच में उसके तुरुप के स्ट्राइकर अभिषेक चार और सुखजीत हैट्रिक जमा और गोल करने के लिए जूझते दिलप्रीत भी रंग में आ गए।

भारत का मकसद अब सुपर 4 में भी अपने तीनों मैच जीत फाइनल में स्थान बनाना है। हालांकि सुपर 4 में शीर्ष दो रहने वाली टीमें फाइनल में खेलेंगी लेकिन किसी भी तरह की अगर-मगर को दरकिनार करने के लिए भारत की कोशिश तीनों मैच जीत शीर्ष पर रहने की होगी।

दुनिया की सातवें और एशिया की नंबर एक तीन बार खिताब जीतने वाला भारत अब बुधवार को अपने पहले सुपर 4 मैच में सबसे ज्यादा पांच बार खिताब जीतने वाली और मौजूदा चैंपियन जवाबी हमलों से प्रतिद्वंद्वी को चौंकाने में यकीन रखने वाली मलेशिया से हार 1-4 से हारकर पूल बी में दूसरे स्थान पर रहने वाली दक्षिण कोरिया से पूरी तरह चौकस होकर उतरेगा। भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने सुपर 4 मैचों की बाबत कहा कि आज के जमाने की तेज हॉकी में आप किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते इसलिए हम हर मैच में पूरी तरह चौकस रहने की जरूरत है और हम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे और टीम के खिलाफ अपने स्ट्रक्चर पर काबिज रहकर खेलने उतरेंगे।

वहीं भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि हमारी कोशिश हर मैच में गोल के हर मौके को भुनाने की होगी। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि उसके मध्यपंक्ति में खासतौर पर हार्दिक सिंह, राजकुमार पाल और विवेक सागर प्रसाद के साथ अनुभवी मनप्रीत सिंह अच्छे तालमेल के साथ खेल रहे और धीरे-धीरे ही सही अग्रिम पंक्ति में मनदीप सिंह के साथ अभिषेक और सुखजीत सिंह ने रंगत पा ली है। बेशक दिलप्रीत सिंह ने कजाकिस्तान के खिलाफ एक गोल किया लेकिन वह डी में पहुंच अभी भी हड़बड़ी में गड़बड़ी के मौके चूक रहे और इससे उन्हें बचने की जरूरत है।

दक्षिण कोरिया के सबसे ज्यादा तीन गोल करने वाले ड्रैग फ्लिकर जिहुन यांग और दो गोल करने वाले सियोंग यू से भारत को चौकस रहने की जरूरत होगी। मौजूदा फॉर्म के आधार पर भारत की टीम दक्षिण कोरिया से बेहतर नजर आती है। खासतौर पर भारत के गोलरक्षक कृष्ण बहादुर पाठक ने जिस तरह चीन के जवाबी हमलों पर तीनों गोल खाए उससे उन्हें जरा सी भी ढील से बचने की जरूरत है।

स्ट्राइकरों का रंग में आना सुखद : फुल्टन

भारत के चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, ‘सुपर 4 से पहले अपने स्ट्राइकर अभिषेक व सुखजीत व दिलप्रीत का रंग में आना सुखद है। अच्छी बात यह है कि रिकवरी के लिए मंगलवार का दिन मिला। हम दक्षिण कोरिया के खिलाफ अपना सुपर 4 मैच शाम को खेलेंगे और इससे उमस से जरूर कुछ राहत मिलेगी। सुपर 4 के तीनों मैच में जरा भी ढील की गुंजाइश नहीं है। बतौर टीम हमें क्षमता पर भरोसा है। कजाकिस्तान के खिलाफ आखिरी पूल मैच मुश्किल रहा क्योंकि हम इससे पहले ही सुपर 4 में स्थान बना चुके थे। हमारे लिए चीन और जापान के खिलाफ शुरू के दोनों पूल मैच खासे संघर्षपूर्ण रहे थे। अच्छी बात यह है कि सुपर 4 से पहले हमारे सभी खिलाड़ी फिट हैं और किसी को किसी तरह की चोट नहीं है। हमें तीनों सुपर 4 मैच लगातार तीन दिन में खेलने हैं और यह आसान नहीं होता। हम एफआईएच प्रो लीग में एक के बाद एक लगातार तीन मैच खेले थे। हम इसका अभ्यास भी कर रहे हैं। हमें रात के मैच खेलना पसंद है।’

सुपर 4 में मेरी कोशिश ज्यादा से ज्यादा गोल करने की : अभिषेक

कजाकिस्तान के खिलाफ हैट्रिक सहित चार गोल करने वाले भारत के तुरुप के स्ट्राइकर अभिषेक ने कहा, ‘शुरू के दो मैचों में पूरी कोशिश और मैन-टू-मैन मार्किंग के बीच जब गोल नहीं कर पाया तो खुद पर झुंझलाहट हुई। शुरू के दो मैचों में मैं गेंद को लेकर डी के भीतर पहुंचा भी, हिट भी लगाए लेकिन गेंद गोल में नहीं गई। मेरा शुरू के दो मैचों में गोल न कर पाना मानसिक ज्यादा था, तकनीक में कोई खामी नहीं थी। अब खुशी है कि मैंने आखिर रंगत पा ली। हम सुपर 4 में मेरी कोशिश ज्यादा से ज्यादा गोल करने की होगी।’

YuvaSahakar Desk