Trending News

 LPG पर बोले PM नरेंद्र मोदी- देश में पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे कुछ लोग, देशवासियों को किया आश्वस्त, कहा- अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है सरकार, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई          आज प्रधानमंत्री जारी करेंगे पीएम-किसान की 22वीं किस्त, 9.32 करोड़ किसानों को मिलेंगे 18,640 करोड़ रुपये         किसानों को सहकारी बैंक से 7 दिन में फसल ऋण, e-KCC से सिर्फ 2 दिन में लोन की सुविधा, समय पर लोन चुकाने पर 3% ब्याज की छूट, राज्यसभा में अमित शाह ने दी जानकारी         भारत बनेगा बन रहा दुनिया का फूड बास्केट, 9 FTA से भारत के लिए 38 देशों के बाजार खुले, AAHAR के 40वें संस्करण को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी         जल जीवन मिशन 2.0 को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, दिसंबर 2028 तक हर ग्रामीण घर में होगा नल से जल, 8.69 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया         मार्च में मौसम में लगातार बदलाव, गुजरात-राजस्थान में हीटवेव और लू का ऑरेंज अलर्ट, महाराष्ट्र में हीटवेव का यलो अलर्ट, 13 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट       

परिवर्तन सहकारी ऋण सोसायटी को बंद करने की प्रक्रिया शुरू

आर्थिक अपराध शाखा (EOW), बीड द्वारा 25 नवंबर 2022 को सीआरसीएस को भेजे पत्र में बताया गया कि महाराष्ट्र के कई जिलों में सोसायटी के खिलाफ 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईओडब्ल्यू ने परिसमापक अथवा प्रशासक नियुक्त करने की भी मांग की थी। इसके अलावा, सात जमाकर्ताओं ने 24 दिसंबर 2024 को फोरेंसिक ऑडिट और परिसमापक नियुक्ति की मांग करते हुए ईमेल के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराईं।

Published: 17:17pm, 29 Jul 2025

बीड (महाराष्ट्र) स्थित परिवर्तन शहरी बहु-राज्य सहकारी ऋण सोसायटी के खिलाफ केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) रवींद्र अग्रवाल ने बड़ा कदम उठाया है। सोसायटी को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई बहु-राज्य सहकारी समितियां (एमएससीएस) अधिनियम, 2002 के तहत की गई है, जिसमें सोसायटी के कामकाज को लेकर गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें और आपराधिक मामले सामने आए हैं।

13 आपराधिक मामले, कोई जवाब नहीं

आर्थिक अपराध शाखा (EOW), बीड द्वारा 25 नवंबर 2022 को सीआरसीएस को भेजे पत्र में बताया गया कि महाराष्ट्र के कई जिलों में सोसायटी के खिलाफ 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईओडब्ल्यू ने परिसमापक अथवा प्रशासक नियुक्त करने की भी मांग की थी।

इसके अलावा, सात जमाकर्ताओं ने 24 दिसंबर 2024 को फोरेंसिक ऑडिट और परिसमापक नियुक्ति की मांग करते हुए ईमेल के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराईं।

रिकॉर्ड गायब, मुख्यालय बंद

सीआरसीएस ने महाराष्ट्र सरकार के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को निरीक्षण के लिए पत्र लिखा, जिसके बाद 15 जनवरी 2025 को प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि सोसायटी का मुख्यालय बंद है और कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके चलते निरीक्षण अधूरा रह गया।

सोसायटी को 1 अप्रैल 2025 को भेजा गया पत्र “बाएं पते” के रूप में लौट आया, जिससे स्पष्ट होता है कि वह अपने पंजीकृत पते पर काम नहीं कर रही थी। यह एमएससीएस अधिनियम और सहकारी सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है।

हितधारकों को 15 दिन का समय

इन गंभीर खामियों के चलते सीआरसीएस ने सोसायटी की समापन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। सीआरसीएस की वेबसाइट crcs.gov.in पर नोटिस अपलोड कर दिया गया है।

हितधारकों से अपील की गई है कि वे नोटिस अपलोड होने के 15 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियाँ दर्ज करें। तय समय सीमा में आपत्ति न मिलने की स्थिति में माना जाएगा कि सोसायटी के पास कोई बचाव नहीं है और कार्रवाई आगे बढ़ा दी जाएगी।

Diksha

Recent Post