पश्चिम बंगाल में सहकारी विकास की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य सहकारी विकास समिति की बैठक नबन्ना, हावड़ा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने की। इसमें सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी, अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने तथा केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। चर्चा के दौरान नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों, डेयरी सहकारी समितियों और मत्स्य सहकारी समितियों के गठन की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही सहकारी बैंकों को मजबूत करने और प्राथमिक सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम तथा सक्रिय संस्थाओं में बदलने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सहकारी संस्थाएं केवल ऋण या वितरण तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और आजीविका सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने पश्चिम बंगाल में नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन में हुई प्रगति की सराहना की। मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने अधिकारियों से देश के अन्य राज्यों में अपनाई जा रही सफल सहकारी व्यवस्थाओं और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें राज्य में लागू करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि पश्चिम बंगाल ने अपने 100-दिवसीय रोडमैप के क्रियान्वयन के केवल 75 दिनों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। यह राज्य में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने और जमीनी संस्थाओं की आर्थिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


