सहकारिता मंत्रालय देशभर की सहकारी समितियों की सटीक भौगोलिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए NCD Geotag Mobile App के माध्यम से डिजिटल मैपिंग को मजबूत कर रहा है। यह पहल नेशनल कोऑपरेटिव डेटाबेस (NCD) में सहकारी संस्थाओं की लोकेशन से जुड़ी जानकारी को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से की गई है।
यह ऐप GPS आधारित तकनीक का उपयोग कर सहकारी समितियों की सटीक भौगोलिक स्थिति दर्ज करता है और उन्हें उनके लोकेशन कोऑर्डिनेट्स से जोड़ता है। यह पहल “सहकार से समृद्धि” के विजन के तहत सहकारी क्षेत्र में डिजिटल सशक्तिकरण और आधुनिक प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत में कृषि ऋण, डेयरी, मत्स्य पालन, आवास, श्रम, उपभोक्ता सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सहकारी नेटवर्क मौजूद है। सटीक लोकेशन डेटा से राज्यों, जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं के भौगोलिक विस्तार की स्पष्ट तस्वीर मिल सकेगी।
जियो-टैगिंग से सहकारी विकास योजनाओं की बेहतर योजना, निगरानी और मूल्यांकन में भी मदद मिल सकती है। इससे ऐसे क्षेत्रों की पहचान आसान होगी, जहां सहकारी संस्थाओं की पहुंच बढ़ाने की जरूरत है।
नेशनल कोऑपरेटिव डेटाबेस देश की सहकारी समितियों से संबंधित सूचनाओं का केंद्रीय डिजिटल भंडार है। GPS आधारित मैपिंग से इसके लोकेशन रिकॉर्ड अधिक सटीक होंगे।
यह पहल प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) सहित सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण के प्रयासों को भी मजबूती देगी। मंत्रालय ने उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से NCD Geotag Mobile App डाउनलोड करने के लिए आमंत्रित किया है।


