अंतरराष्ट्रीय सहकारी गठबंधन और उसके सहकारी सांस्कृतिक विरासत कार्य समूह की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को वैश्विक वेबिनार “समय के साथ गूंजती सहकारिता” आयोजित किया जाएगा। यह ऑनलाइन कार्यक्रम जूम के माध्यम से होगा।
वेबिनार का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि सहकारी संस्थाएं किस प्रकार समुदायों को अपनी सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रखने, जीवित परंपराओं को बनाए रखने और पारंपरिक ज्ञान को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद करती हैं। इसके साथ ही सांस्कृतिक विरासत, सामुदायिक आजीविका और सतत विकास के बीच संबंधों पर भी चर्चा होगी।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और सहकारिता पर एक नीति संक्षेप का विमोचन होगा। यह दस्तावेज 2027 से 2036 तक प्रस्तावित सतत विकास के लिए संस्कृति का अंतरराष्ट्रीय दशक के संदर्भ में सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर भविष्य की दिशा प्रस्तुत करेगा।
वेबिनार में सहकारी सांस्कृतिक विरासत कार्य समूह के टियागो श्मिट, यूनेस्को के जर्मन आयोग के लुट्ज मोलर, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की प्रोफेसर जियून कियर, को-ऑपरेटिव न्यूज के माइल्स हैडफील्ड और एशिया-प्रशांत अनुसंधान समिति के प्रोफेसर हरेकृष्ण मिश्रा सहित कई विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच और पुर्तगाली भाषाओं में अनुवाद की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यह आयोजन सहकारिता को केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान, सामुदायिक स्मृति और सतत विकास से जुड़े सामाजिक ढांचे के रूप में समझने का अवसर देगा।


