प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत ग्रामीण सहकारी बैंकों ने वित्तीय समावेशन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण सहकारी बैंकों के माध्यम से करीब 19 लाख लाभार्थी योजना से जुड़े हैं। 14 अक्टूबर 2026 तक देशभर में जन धन खातों की संख्या बढ़कर 59.59 करोड़ पहुंच गई। इन खातों में कुल जमा राशि 3.24 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई। योजना के तहत औसत खाता शेष भी बढ़कर रिकॉर्ड 5,438 रुपये हो गया, जो अगस्त में 5,356 रुपये था।
हाल के महीनों में जन धन खातों में करीब 7,000 करोड़ रुपये की नई जमा राशि दर्ज होने से औसत बैलेंस में वृद्धि हुई है। यह जन धन खातों के बढ़ते उपयोग और औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में खाताधारकों की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
योजना की पहुंच ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में विशेष रूप से मजबूत बनी हुई है। कुल लाभार्थियों में 78 प्रतिशत ग्रामीण और अर्ध-शहरी बैंक शाखाओं से जुड़े हैं। वहीं, कुल जन धन खाताधारकों में लगभग 56 प्रतिशत महिलाएं हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि प्रधानमंत्री जन धन योजना ने महिलाओं और ग्रामीण आबादी को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ग्रामीण सहकारी बैंक स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत पहुंच के कारण उन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक हैं, जहां बड़े वाणिज्यिक बैंकों की पहुंच अपेक्षाकृत सीमित है। इससे सहकारी बैंक वित्तीय समावेशन और ग्रामीण आर्थिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरे हैं।


