केरल विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUGP) के पात्र विद्यार्थियों के लिए छह महीने की पेड अप्रेंटिसशिप शुरू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। यह प्रस्ताव भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना (NATS) के तहत बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (दक्षिणी क्षेत्र) के सहयोग से लागू किया जाना है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान व्यावहारिक कार्य अनुभव उपलब्ध कराना और उनके रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाना है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार हर महीने स्टाइपेंड दिया जाएगा। स्नातक डिग्री और बीटेक धारकों के लिए 12,300 रुपये प्रतिमाह, डिप्लोमा धारकों और संबंधित पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 10,900 रुपये प्रतिमाह तथा व्यावसायिक डिग्री कार्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए 9,600 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड का प्रस्ताव है।
छह महीने की इस अप्रेंटिसशिप के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक कार्यक्षेत्र में इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें पेशेवर कौशल विकसित करने, कार्यस्थल की जरूरतों को समझने और भविष्य में रोजगार के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रारंभिक योजना के अनुसार, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के छठे सेमेस्टर में पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थियों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय की योजना आगे चलकर इस कार्यक्रम का विस्तार संबद्ध कॉलेजों तक करने की भी है।
इस पहल के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न उद्योगों, कंपनियों और सरकारी संगठनों में कार्य अनुभव प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं। इससे उच्च शिक्षा और रोजगार की आवश्यकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि इस प्रस्ताव को अभी विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद से मंजूरी मिलना बाकी है। इसके अलावा कार्यक्रम को लागू करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी की जानी हैं। इसलिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, चयन और कार्यक्रम की शुरुआत से जुड़ी अंतिम जानकारी मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की जानकारी के लिए केरल विश्वविद्यालय की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें।


