Trending News

सहकारिता मंत्रालय ने त्रिभुवनदास पटेल के योगदान को किया नमन बिहार के 24 जिलों के 27,600 एकड़ में होगी जलवायु अनुकूल खेती, 18 हजार किसानों को मिलेगी ट्रेनिंग एशियन पैरा गैम्स में सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता IAS अधिकारी सुहास ने 2026 एशियाई पैरा खेलों में पैरा-बैडमिंटन में जीता कांस्य पदक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने लेह में लद्दाख के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज को एकेडमिक ईयर 2027-28 से शुरू करने की मंजूरी दी UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर लिस्ट में छत्तीसगढ़ स्थित 'सिरपुर' सांस्कृतिक शामिल दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए DMRC आज से मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे चलाएगी सहकारिता मंत्रालय ने त्रिभुवनदास पटेल के योगदान को किया नमन बिहार के 24 जिलों के 27,600 एकड़ में होगी जलवायु अनुकूल खेती, 18 हजार किसानों को मिलेगी ट्रेनिंग एशियन पैरा गैम्स में सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता IAS अधिकारी सुहास ने 2026 एशियाई पैरा खेलों में पैरा-बैडमिंटन में जीता कांस्य पदक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने लेह में लद्दाख के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज को एकेडमिक ईयर 2027-28 से शुरू करने की मंजूरी दी UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर लिस्ट में छत्तीसगढ़ स्थित 'सिरपुर' सांस्कृतिक शामिल दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए DMRC आज से मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे चलाएगी

सहकारिता मंत्रालय ने त्रिभुवनदास पटेल के योगदान को किया नमन

सहकारिता मंत्रालय ने स्वतंत्रता सेनानी, अधिवक्ता और राजनेता त्रिभुवनदास भाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए भारत के सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया

Published: 12:26pm, 22 Oct 2026

सहकारिता मंत्रालय ने स्वतंत्रता सेनानी, अधिवक्ता और राजनेता त्रिभुवनदास भाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए भारत के सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। मंत्रालय ने कहा कि किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास के लिए उनके प्रयासों ने सहकारिता को जनभागीदारी आधारित आर्थिक मॉडल के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

त्रिभुवनदास भाई पटेल ने सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उनकी सोच का केंद्र किसानों और ग्रामीण समुदायों को संगठित कर सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम बनाना था। सहकारिता के जरिए लोगों को एक मंच पर लाकर उत्पादन, विपणन और आजीविका से जुड़े अवसरों को मजबूत करने की दिशा में उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे।

मंत्रालय के अनुसार उनकी सहकारिता आधारित सोच ने ऐसा मॉडल विकसित करने में योगदान दिया, जिसमें संस्था का संचालन और लाभ सीधे सदस्यों तथा उत्पादकों से जुड़ा रहा। इससे किसानों की आजीविका सुधारने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को टिकाऊ आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण रास्ता तैयार हुआ।

उनके विचार आज भी सहकारी क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सामूहिक भागीदारी, परस्पर सहयोग और समुदाय आधारित विकास जैसे सिद्धांत वर्तमान सहकारिता व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि त्रिभुवनदास भाई पटेल की विरासत यह दर्शाती है कि जनभागीदारी से संचालित सहकारी संस्थाएं किसानों के सशक्तिकरण, समावेशी आर्थिक विकास और ग्रामीण परिवर्तन में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। उनका योगदान “सहकार से समृद्धि” के विजन को भी मजबूती प्रदान करता है।

Jitendra