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परमाणु सुरक्षा अनुसंधान को बढ़ावा देगा मंगलुरु विश्वविद्यालय का नया केंद्र

मंगलुरु विश्वविद्यालय ने परमाणु सुरक्षा और विकिरण संरक्षण से जुड़े अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए आयोडीन एयरोसोल पर अध्ययन हेतु एक समर्पित प्रायोगिक सुविधा स्थापित की है

Published: 10:00am, 18 Oct 2026

मंगलुरु विश्वविद्यालय ने परमाणु सुरक्षा और विकिरण संरक्षण से जुड़े अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए आयोडीन एयरोसोल पर अध्ययन हेतु एक समर्पित प्रायोगिक सुविधा स्थापित की है। यह पहल परमाणु ऊर्जा उद्योग में रेडियोधर्मी आयोडीन के व्यवहार, उसके वायुमंडलीय प्रसार और संभावित जोखिमों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी।

यह सुविधा विश्वविद्यालय के Centre for Advanced Research in Environmental Radioactivity (CARER) की अनुसंधान क्षमताओं को और मजबूत करेगी। CARER की स्थापना Department of Atomic Energy के Board of Research in Nuclear Sciences के वित्तीय सहयोग तथा Bhabha Atomic Research Centre के तकनीकी समर्थन से की गई थी। यह केंद्र रेडियोइकोलॉजी, पर्यावरणीय रेडियोधर्मिता और विकिरण सुरक्षा के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान करता है।

आयोडीन परमाणु दुर्घटना की स्थिति में महत्वपूर्ण रेडियोन्यूक्लाइड्स में शामिल है। इसलिए उसके एयरोसोल रूप में बनने, परिवहन और जमाव की प्रक्रिया का अध्ययन आपातकालीन तैयारी तथा रेडिएशन डोज आकलन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्वविद्यालय का NPCIL के साथ आयोडीन, सीजियम और स्ट्रॉन्शियम के पर्यावरणीय स्थानांतरण का अध्ययन करने के लिए पहले से सहयोग भी है।

नई सुविधा नियंत्रित परिस्थितियों में रेडियोधर्मी एयरोसोल से संबंधित प्रयोग और सिमुलेशन अध्ययन करने में मदद करेगी। CARER पहले से ही nuclear aerosol simulation, radiation measurement techniques और transfer-factor studies जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान की योजना पर काम कर रहा है। इस पहल से परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा, पर्यावरण निगरानी और दुर्घटना की स्थिति में रेडियोलॉजिकल प्रभावों के वैज्ञानिक आकलन के लिए उपयोगी डेटा तैयार होने की उम्मीद है।

Jitendra