प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषि उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले देश के 21 जिलों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में इन जिलों की उपलब्धियों को सराहा। समग्र प्रदर्शन में बिहार के गया को प्रथम, राजस्थान के नागौर को द्वितीय और मध्य प्रदेश के उमरिया जिले को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
सम्मेलन में योजना के छह प्रमुख क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले 18 अन्य जिलों को भी सम्मानित किया गया। कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट और सिक्किम के गेजिंग जिले को सम्मान मिला।
फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश के महोबा, मध्य प्रदेश के डिंडोरी और उत्तराखंड के चमोली जिले को चुना गया। वहीं, फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा सहित मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ और सीधी जिलों को सम्मानित किया गया।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़, गुजरात के दाहोद और छोटा उदयपुर ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कृषि ऋण की उपलब्धता बढ़ाने के लिए तेलंगाना के नारायणपेट, उत्तर प्रदेश के जालौन और आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले को सम्मान मिला।
बेहतर प्रशासन और कृषि सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता के लिए तेलंगाना के नागरकुरनूल, गुजरात के कच्छ और कर्नाटक के हावेरी जिले को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, आधुनिक कृषि तकनीक और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से नियमित समीक्षा और जमीनी स्तर पर कृषि विकास के प्रयास तेज करने का आह्वान किया।


